1992 वाले सचिन से क्या सीख सकते है वैभव सूर्यवंशी, विराट जैसे करें बल्लेबाजी में गुस्से का इस्तेमाल, टैलेंट vs टेंपरामेंट

vaibhav to learn from sachin virat भारत को एक पूरी तरह से फोकस्ड वैभव सूर्यवंशी की ज़रूरत होगी. अब टीमें जान जाएँगी कि वे उसके सब्र की परीक्षा ले सकती हैं और उसे स्लेजिंग के ज़रिए उकसाने की कोशिश करेंगी ऐसे में उसके लिए शांत रहना बेहद ज़रूरी है

नई दिल्ली. वैभव सूर्यवंशी बेहद प्रतिभाशाली हैं वास्तव में, वे आज के सबसे प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ियों में से एक हैं लेकिन जब बात स्वभाव (टेम्परामेंट) की आती है, तो अभी काफी कुछ सीखना बाकी है और मैच में खास तौर पर फेल होने के बाद का उनका बॉडी लैंग्ववेज एक बड़ा सीखने वाला सबक होना चाहिए. जब आप एक गलत शॉट खेलकर आउट हो जाते हैं, तो आपको बस मैदान छोड़कर लौट जाना चाहिए खासकर तब, जब आपकी टीम मुश्किल में हो.  वह आपका दिन नहीं है, और खेल में ऐसा होता रहता है इसे सहजता से स्वीकार करना और आत्मसात करना चाहिए.  जैसा कि अभिनव बिंद्रा अक्सर कहते हैं, खेल आपको हारना सिखाता है हर हार के साथ आप बेहतर होते जाते हैं और सफलता के और करीब पहुँचते हैं

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