Babri Mosque Demolition: आज ही के दिन साल 1992 में अयोध्या में बाबरी मस्जिद को ढहा दिया गया था. उस समय नरसिम्हा राव देश के प्रधानमंत्री थे. सुप्रीम कोर्ट ने साल 2019 में ऐतिहासिक फैसला देकर इस मामले का पटाक्षेप कर दिया है. इसके बाद 2020 में सीबीआई की विशेष अदालत ने भी एक बड़ा फैसला दिया है.
Babri Mosque Demolition: 6 दिसंबर 1992 भारतीय लोकतंत्र के इतिहास की वह तारीख जिसे समय बीतने के बाद भी भुलाया नहीं जा सका है. अयोध्या में 16वीं सदी में बनी बाबरी मस्जिद का ढहना न सिर्फ एक धार्मिक विवाद का चरम बिंदु था, बल्कि यह राजनीति, साम्प्रदायिक संबंधों और न्याय व्यवस्था पर गहरा असर छोड़ गया. उस दिन घटी घटनाओं ने देश की दिशा बदली और इसके बाद के वर्षों में कई निर्णायक फैसले सामने आए. साल 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले का कानूनी तौर पर पटाक्षेप कर दिया. आज के दिन वहां राम मंदिर का निर्माण हो चुका है. लेकिन, विवादित ढांचे के विध्वंस से पहले और उसके बाद कई ऐसे घटनाक्रम हुए, जिन्हें भुलाया नहीं जा सकता है. ढांचे को जब गिरा दिया गया तो उसके बाद तत्कालीन नरसिम्हा राव की सरकार ने इसका पुनर्निमाण कराने के संकेत दिए थे. दूसरी तरफ, विध्वंस की घटना के बाद 4 राज्यों की भाजपा शासित प्रदेश सरकार को बर्खास्त कर दिया गया था.
