What is Russia Killing Machine : रूस का नाम जब भी आता है, उसके साथ उसका खतरनाक इतिहास भी याद आ जाता है. दुनिया की सबसे ताकतवर शक्ति रह चुका रूस आज भले ही उस दौर में नहीं है लेकिन रूसी सेनाएं आज भी अपने खतरनाक मिशनों के लिए मशहूर है. चलिए जानते हैं कि ये आर्मी काम कैसे करती है और रूसी राष्ट्रपति का इस पर कितना कंट्रोल है.
Russian Army Structure: रूस को दुनियाभर में अपनी कुशल और विशाल सना के लिए जाना जाता है. रूस को सैन्य महाशक्ति माना जाता है और इसकी वजह केवल हथियारों का विशाल भंडार या न्यूक्लियर क्षमता ही नहीं है. रूस की असल ताकत उस मुश्किल लेकिन बेहद अनुशासित कमांड-स्ट्रक्चर में है, जिसे अक्सर रूसी वॉर मशीन कहा जाता है. रूसी आर्मी की यह संरचना राजनीतिक नेतृत्व, सैन्य प्रशासन, रणनीतिक दिमाग और फील्ड फोर्से – इन चार शाखाओं के बीच नियंत्रित समन्वय पर आधारित है.
चलिए आज आपको बताते हैं कि दुनिया की सबसे विशाल सेनाओं में से एक रूस की आर्मी काम कैसे करती है. इतनी बड़ी सेना को नियंत्रित रखने के लिए क्या किया जाता है और इसमें पद कैसे दिए जाते हैं. हम सभी को पता है कि इसी सप्रीम पावर राष्ट्रपति के हाथों में ही होती है. यही वजह है कि रूसी राष्ट्रपति जब भी किसी सैन्य घोषणा के लिए आते हैं, तो फौजी कमांडो की तरह वर्दी में आते हैं. रूसी सेना का स्ट्रक्चर कुछ इस तरह देख सकते हैं.सेना का सुप्रीम कमांडर कौन?रूस में सेना का अंतिम और सर्वोच्च नियंत्रण राष्ट्रपति के हाथ में होता है. रूसी संविधान उन्हें सशस्त्र बलों का सुप्रीम कमांडर इन चीफ घोषित करता है. राष्ट्रपति ही तय कर सकते हैं कि युद्ध शुरू करना या रोकना है. सामरिक सैन्य नीति, परमाणु हथियारों का उपयोग और उच्चतम स्तर की सैन्य नियुक्तियां भी वही करता है. राष्ट्रपति की भूमिका सिर्फ प्रतीकात्मक नहीं है बल्कि रूस में राजनीतिक अधिकार और सैन्य अधिकार दोनों केंद्रीकृत हैं. इसलिए सैन्य फैसलों का अंतिम ऑर्डर राष्ट्रपति का होता है.
