Anti Ship Hypersonic Missile: चीन की विस्तारवादी और पाकिस्तान की टेरर बेस्ड डिप्लोमेसी से पूरी दुनिया वाकिफ है. दुर्भाग्य से इन दोनों देशों की सीमाएं भारत से लगती हैं. पाकिस्तान वेस्टर्न और चीन देश के ईस्टर्न बॉर्डर पर स्थित हैं, ऐसे में भारत के लिए अपने डिफेंस सिस्टम को अपग्रेड और मजबूत करना जरूरी है. खासकर ऑपरेशन सिंदूर और चीन-पाकिस्तान की मिलीभगत सामने आने के बाद भारत काफी चौकस हो गया और दो फ्रंट पर युद्ध जैसे हालात से निपटने की तैयारी कर रहा है.
Anti Ship Hypersonic Missile: यह साल 2020 का वाकया है. लेह-लद्दाख से लगती चीन की सीमा पर अचानक से हलचल बढ़ गई. पड़ोसी देश चीन की सेना ने भारतीय क्षेत्र में घुसने का दुस्साहस किया. भारत के बहादुर जवानों ने इसका मुंहतोड़ जवाब दिया और चीनी सेना को पीछे खिसकने के लिए मजबूर कर दिया. हालांकि, इस घटना के बाद अब फिलहाल LAC पर हालात सामान्य हैं, पर भारतीय सेना पहले के मुकाबले ज्यादा चौकस और सतर्क है. LAC गलवान में इस घटना के बाद इस साल पहलगाम में पाकिस्तान सर्पोटेड आतंकवादियों ने पहलगाम में निर्दोष लोगों का धर्म पूछकर उनकी नृशंस तरीके से हत्या कर दी. इसके बाद इंडियन आर्म्ड फोर्सेज ने ऑपरेशन सिंदूर चलाकर पाकिस्तान में मौजूद कई आतंकवादी शिविरों को ध्वस्त कर दिया. पड़ोसी देश के मिलिट्री एयरबेस को भी तबाह कर दिया गया. इन दोनों वाकयों के बाद भारत अब भविष्य की तैयारियों में जुट गया है. इसका मतलब यह हुआ कि भारत दो मोर्चों पर युद्ध का मुकाबला करने के लिए खुद को तैयार कर रहा है. खासकर LAC पर गलवान की घटना के बाद भारत ने एंटी-शिप हाइपरसोनिक मिसाइल पर काम करना शुरू कर दिया था. रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) को इसमें बड़ी सफलता हासिल हुई है.
