बिहार के खिलाड़ियों की सीधी आवाज अब सरकार में, खेल मंत्री श्रेयसी सिंह से स्पोर्ट्स सिस्टम में बदलाव की उम्मीदें

Bihar Sports Minister Shreyasi Singh : जमुई की विधायक और अंतरराष्ट्रीय शूटिंग चैंपियन श्रेयसी सिंह के बिहार के खेल मंत्री बनने के बाद राज्य के शूटिंग खिलाड़ियों में उत्साह और उम्मीद की नई लहर दौड़ गई है. अब मुंगेर के शूटिंग खिलाड़ी खुलकर कह रहे हैं कि वर्षों से जिस समर्थन और सुविधा का इंतजार था, वह अब मिलने की उम्मीद है.

मुंगेर. बिहार केमुंगेर में 1963 में स्थापित राइफल एसोसिएशन वर्षों से सीमित सुविधाओं के बीच प्रतिभाओं को तराशता आया है. डीजे कॉलेज स्थित शूटिंग रेंज में अभ्यास कर रहे खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं, लेकिन एक आदर्श शूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी हमेशा उनके रास्ते में दीवार बनती रही. अब खिलाड़ियों में उम्मीद है कि नई खेल मंत्री श्रेयसी सिंह शूटिंग खेल के ढांचे में ऐतिहासिक बदलाव ला सकती हैं. खिलाड़ियों का मानना है कि श्रेयसी सिंह स्वयं अंतरराष्ट्रीय शूटर रह चुकी हैं, इसलिए यह सिर्फ अपेक्षाओं की बात नहीं, बल्कि बदलाव की शुरुआत की उम्मीद है. खिलाड़ी कहते हैं कि बिहार में शूटिंग खेल अब सिर्फ भागीदारी नहीं बल्कि पदक जीतने वाली संस्कृति बन सकता है. राज्य में अत्याधुनिक रेंज, सरल लाइसेंस प्रक्रिया और बेहतर कोचिंग की दिशा में कदम बढ़े तो आने वाले वर्षों में बिहार शूटिंग का नया हब बन सकता है. खिलाड़ियों को यकीन है कि इतिहास इस बार मौके की नहीं, तैयारी की ताकत से लिखा जाएगा.

खिलाड़ियों को श्रेयसी सिंह से उम्मीदेंबता दें कि बिहार में शूटिंग खेल हमेशा से संसाधन-आधारित खेल माना जाता रहा है, परंतु राज्य में पर्याप्त शूटिंग रेंज और उपकरण नहीं थे. जिला स्तर पर ट्रेनिंग की सुविधा भी लगभग न के बराबर थी. लेकिन खिलाड़ियों को उम्मीद है कि अब स्थितियां तेजी से बदलेंगी. बता दें कि मुंगेर में राइफल एसोशिएशन की स्थापना 1963 में हुई. सीमित संसाधनों और एक आदर्श रेंज की कमी के बावजूद यहां के शूटिंग खिलाड़ी राष्ट्रीय और राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में अपना झंडा गाड़ चुके हैं. मुंगेर के डीजे कॉलेज के शूटिंग रेंज में प्रेक्टिस कर रहे खिलाड़ियों को अपने नए खेल मंत्री श्रेयसी सिंह से काफी उम्मीदें हैं.लाइसेंस का झंझट, सुविधाओं की कमीबता दें कि, शूटिंग खिलाड़ियों की सबसे बड़ी समस्या रही है लाइसेंस प्रक्रिया की जटिलता. महीनों इंतजार और भारी कागजी झंझटों की वजह से अक्सर आवेदन खारिज हो जाते थे. अब जब खुद एक अंतरराष्ट्रीय शूटर मंत्री बनी हैं और उन्हें एक शूटर का दर्द मालूम है, तो खिलाड़ी उम्मीद कर रहे हैं कि लाइसेंस प्रक्रिया सरल और तेज हो जाएगी. ऑनलाइन आवेदन, त्वरित वेरिफिकेशन और स्पोर्ट्स वेपन लाइसेंस आसानी से मिल सकेगा.

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