नॉर्वे सरकार ने मंगलवार को कहा कि रूस ने 2025 में तीन बार उसके एयरस्पेस का उल्लंघन किया. एक से चार मिनट तक उसके इलाके में घूमते रहे. अभी यह स्पष्ट नहीं है कि जानबूझकर ऐसा किया या फिर नेविगेशन में गलती की वजह से ड्रोन आ गए. 10 साल में पहली बार इस तरह की घटनाएं सामने आ रही थीं. नॉर्वे के पीएम ने कहा, कारण चाहे जो हो, लेकिन इस तरह की चीजें स्वीकार नहीं. हमने रूसी अफसरों को इस बारे में बता दिया है.किन देशों ने लगाए आरोपएस्टोनिया- रूस के तीन MiG-31 फाइटर जेट वैंडलू आईलैंड के पास बॉर्डर पार करके आए और करीब 12 मिनट तक इलाके में घूमते रहे.पोलैंड- रूस के ड्रोन और मिसाइलें बार बार पोलैंड के एयरस्पेस का वॉयलेशन कर रही हैं. उन्हें मार गिराया जा रहा है. इसके बावजूद वे आ रहे हैं.रोमानिया- रूस की ओर से कई ड्रोन आ चुके हैं. दशकों में ऐसा पहली बार है जब रूसी ड्रोन बॉर्डर पार कर रहे हैं. तीन साल जंग को हो गए, लेकिन ऐसा नहीं देखा गया.लातविया- एक रूसी ड्रोन बेलारूस से उड़ान भरकर आया और देश के पूर्वी भाग में रेजेकने क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया. ऐसा पहली बार देखा गया है.घटनाएं अजब-गजब क्योंअसल में जो हालात यूरोप में बन रहे हैं, वो अचानक नहीं आए. पिछले कुछ महीनों से ऐसी अजब-गजब घटनाएं हो रही हैं. एक बात तो ये कही जा सकती है कि जंग का मैदान है, तो ड्रोन भटक जाते होंगे. क्योंकि इनकी सीमाएं रूस या यूक्रेन से लगती हैं. लेकिन सबसे बड़ा सवाल कि जंग में महारत रखने वाले रूस से क्या ऐसी गलती बार-बार हो सकती है? क्या सच में रूस ने जानबूझकर यूरोप के एयरस्पेस में घुसपैठ बढ़ा दी है?
