क्या नवरात्र में जेल में भी मिलता है व्रत का खाना? कैसी होती है वहां की सात्विक थाली

Navratri Food in Jail: जेलों में बंद कैदियों की जिंदगी के बारे में लोगों के मन में हमेशा जिज्ञासा बनी रहती है. अक्सर हम सोचते हैं कि क्या जेल की चारदीवारी के भीतर भी सामान्य जिंदगी के रंग मौजूद होते हैं? क्या वहां रहने वाले लोग भी हमारी तरह त्योहार मना पाते हैं? जैसे कि इन दिनों पूरे देश में नवरात्र का उल्लास छाया हुआ है, तो सवाल उठता है कि क्या जेलों के अंदर भी यह पर्व मनाया जाता है?जेल की दुनिया, जो बाहर से बेहद रहस्यमयी और कठोर दिखती है अपने भीतर एक अलग ही सच्चाई समेटे हुए है. जहां बाहर की दुनिया में भक्ति और उल्लास की लहर है, वहीं जेल के अंदर भी कैदियों को अपने धर्म और आस्था से जुड़े रहने का मौका मिलता है. ये कैदी भी उपवास, पूजा-पाठ और भजन-कीर्तन के जरिए नवरात्रि या नवरात्र मनाते हैं. जेल प्रशासन भी उनकी धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए उन्हें व्रत रखने और पूजा करने की सुविधा देता है, जिससे वे भी इस पावन पर्व का हिस्सा बन सकें. मॉडल प्रिजन मैनुअल 2016अगर कोई कैदी व्रत रखना चाहता है तो उसे जेलर को सूचित करना होता है. नवरात्र के दौरान भारतीय जेलों में कैदियों को उनके धार्मिक विश्वासों के अनुसार व्रत का खाना उपलब्ध कराया जाता है. जैसा कि मॉडल प्रिजन मैनुअल 2016 और विभिन्न राज्य जेल नियमावलियों में उल्लेखित है. यह व्यवस्था मुख्य रूप से हिंदू और जैन कैदियों के लिए होती है जो नवरात्र के नौ दिनों तक उपवास रखते हैं. राज्य सरकारें भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) की गाइडलाइंस के आधार पर डाइट चार्ट बनाती हैं. हालांकि यह हर जेल में एक समान नहीं होता. यह राज्य, जेल की सुविधाओं और कैदी की स्थिति पर निर्भर करता है. औसतन प्रति कैदी भोजन पर 52-60 रुपये प्रतिदिन खर्च होता है.

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