हां, ये बिल्कुल सही बात है कि जापान के प्रधानमंत्री का आधिकारिक सरकारी आवास सोरी केटई सालों तक खाली पड़ा रहा. कोई प्रधानमंत्री उसमें जाना नहीं चाहता था. एक साल पहले किशिदा उसमें गए जरूर लेकिन बिना मर्जी के. जाना तो वो भी वहां नहीं चाहते थे. सुरक्षा कारणों से उन्हें ये काम करना पड़ा. दरअसल जापान का कोई भी प्रधानमंत्री पिछले कुछ दशकों से इसमें रहना ही नहीं चाहता, क्योंकि ये भूतिहा कहा जाता है.जापान का प्रधानमंत्री हाउस तोक्यो में प्रधानमंत्री कार्यालय के बगल में ही है. 1930 के दशक में यहां दो बड़े कांड हुए. 1932 में यहीं पर प्रधानमंत्री इनुकाई त्सुयोशी की हत्या कर दी गई तो 1936 में विद्रोही सैनिकों ने इस पर हमला कर दिया. इसमें तत्कालीन प्रधानमंत्री केईसुके ओकादा के बहनोई समेत चार लोगों की हत्या कर दी गई.यहां आत्माएं भटकती हैंइसके बाद से माना जाने लगा कि आवास में रहना सुरक्षित नहीं, यहां मारे जा चुके लोगों की आत्माएं भटकती हैं. कई बार यहां कथित तौर पर सेना के लोगों के मार्च की आवाज भी सुनाई देती है. इन घटनाओं के बाद से इसे “भूतहा जगह” माना जाने लगा और जापानी नेताओं में एक तरह का मनोवैज्ञानिक डर बैठ गया.
