कि वह 1971 के मुक्ति संग्राम के इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश कर रही है और लोगों की यादों से उसे मिटाने की ‘घृणित’ कोशिश कर रही है. पार्टी ने कहा, ‘इन देशविरोधी ताकतों की गतिविधियां साफ दिखाती हैं कि बांग्लादेश के स्वतंत्रता संग्राम की रक्षा केवल अवामी लीग ही कर सकती है.’ दरअसल, इशाक डार ने ढाका में अंतरिम सरकार के विदेश मामलों के सलाहकार तौहीद हुसैन से मुलाकात के बाद पत्रकारों से कहा था कि ‘1971 के नरसंहार पर पाकिस्तान की माफी का मुद्दा पहले ही दो बार सुलझाया जा चुका है.’पाकिस्तान के इशारे पर बांग्लादेशहालांकि, उनकी यात्रा समाप्त होने पर पाकिस्तान विदेश मंत्रालय ने जो बयान जारी किया, उसमें नरसंहार का कोई उल्लेख नहीं था. ज्ञात हो कि 1971 में पूर्वी पाकिस्तान (अबअवामी लीग ने एक और आरोप लगाते हुए कहा कि यूनुस गुट ने संविधान तोड़कर सत्ता हथियाई और फिर पाकिस्तान समर्थक ताकतों व कट्टरपंथी संगठनों को खुला छोड़ दिया. पार्टी के मुताबिक, ‘आज बांग्लादेश पाकिस्तान के इशारों पर चल रहा है और राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम की महत्ता को झूठे प्रचार से कम किया जा रहा है.’नरसंहार के मुद्दे पर सहमति नहींबांग्लादेश ने रविवार को पाकिस्तान के विदेश मंत्री इसहाक डार के समक्ष 1971 के युद्ध के लिए माफी मांगने समेत लंबित मुद्दों को उठाया. हालांकि, वह इन मुद्दों पर डार के विचारों से सहमत नहीं है. डार 2012 के बाद से ढाका का दौरा करने वाले पाकिस्तान के सबसे वरिष्ठ नेता हैं. डार बांग्लादेश की दो दिवसीय यात्रा पर शनिवार को ढाका पहुंचे थे.उनका उद्देश्य लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहीं शेख हसीना के पद से हटने के बाद बांग्लादेश के साथ संबंधों को फिर से बेहतर बनाना है. डार ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के विदेश सलाहकार एम तौहीद हुसैन के साथ बातचीत की. समाचार पत्र ‘प्रोथोम अलो’ ने हुसैन के हवाले से लिखा, ‘निश्चित रूप से मैं डार से सहमत नहीं हूं. अगर ऐसा होता, तो समस्याएं सुलझ जातीं. हमने अपनी और उन्होंने (पाकिस्तानी पक्ष ने) अपनी स्थिति स्पष्ट की
