एक सुरंग, तीन दोस्त, और 1971 की सबसे खतरनाक रात: कैप्टन पारुलकर की पाकिस्तान से भागने की दास्तान

DK Parulkar Death News: देश ने अपने एक और वीर सपूत को खो दिया. 1971 के युद्ध नायक और भारतीय वायु सेना के गर्व ग्रुप कैप्टन दिलीप कमलाकर पारुलकर (सेवानिवृत्त) का रविवार को निधन हो गया. लेकिन उनका नाम हमेशा याद किया जाएगा… उस साहसिक घटना के लिए, जब उन्होंने पाकिस्तान के युद्धबंदी शिविर में दो साथियों के साथ महीनों सुरंग खोदकर आजादी की राह बनाई. यह मिशन उनके जीवन का सबसे खतरनाक सफर था. इसमें हर पल मौत का साया मंडरा रहा था.पारुलकर 1971 के युद्ध में बहादुरी से लड़ते हुए पकड़े गए थे. उन्हें पाकिस्तान के रावलपिंडी स्थित POW (Prisoner of War) कैंप में रखा गया. वहां उनकी मुलाकात भारतीय वायु सेना के दो और जांबाज अफसरों एम.एस. ग्रेवाल और हरीश सिंहजी से हुई. तीनों ने मिलकर ठान लिया कि कैद में बैठकर दिन गिनने के बजाय वे अपनी आजादी खुद हासिल करेंगे.

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