केरल की नर्स निमिषा प्रिया के मामले में नया मोड़ आ गया है. यमन में जिस शख्स की हत्या के आरोप में निमिषा को सजा ए मौत सुनाई गई है, उसके भाई ने एक बार फिर उन्हें जल्द सजा देने की मांग की है.मृतक तलाल अब्दो महदी के भाई अब्दुल फतह ने एक फेसबुक पोस्ट में बताया कि उन्होंने तीसरी बार यमन के डिप्टी अटॉर्नी जनरल से मुलाकात की है और ट्रायल कोर्ट के फैसले को तुरंत लागू करने की मांग रखी है.लेटर में क्या लिखा?फतह ने डिप्टी एजी को लिखा एक कथित पत्र भी शेयर किया, जिस पर तलाल के उत्तराधिकारियों के हस्ताक्षर बताए जा रहे हैं. पत्र में इस हत्या को ‘यमन के इतिहास में अभूतपूर्व’ बताया गया है और सजा के त्वरित क्रियान्वयन की मांग की गई है.यमन के डिप्टी अटॉर्नी जनरल को लिखे पत्र में फतह ने लिखा है, ‘हम साफ तौर पर यह कहना चाहते हैं कि हमारी एकमात्र मांग कानूनी प्रतिशोध के फैसले को तुरंत लागू करना है. हम कोई भी दूसरा विकल्प स्वीकार नहीं करेंगे, चाहे वह कुछ भी हो. हमने इस बात पर बार-बार जोर दिया है, जिसके कारण फैसले को बिना किसी देरी के लागू करना जरूरी है.’क्या है पूरा मामला?38 वर्षीय निमिषा प्रिया केरल के पलक्कड़ जिले के कोल्लेंगोडे की रहने वाली है. उन्हें जुलाई 2017 में यमनी नागरिक तलाल अब्दो महदी की हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था. हालांकि निमिषा का दावा है कि महदी ने उनका पासपोर्ट अपने पास रख लिया था, जिसे वापस हासिल करने के लिए उसे बेहोशी का इंजेक्शन दिया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी.यमनी अदालत ने साल 2020 में उसे मौत की सजा सुनाई थी, जिसके खिलाफ निमिषा ने देश की सर्वोच्च न्यायिक परिषद में अपील भी की थी. हालांकि सुप्रीम काउंसिल ने भी निमिषा की दलीलों को खारिज कर दिया था. वह इस वक्त में यमन की राजधानी सना की एक जेल में बंद है, जो हूती विद्रोहियों के कंट्रोल में है.इस मामले में पीड़ित परिवार ब्लड मनी लेने से भी इनकार कर चुका है, जिसके बाद निमिषा की सजा ए मौत 16 जुलाई को तय थी, लेकिन राजनीतिक और धार्मिक नेताओं के दखल के बाद इसे टाल दिया गया था.
