नई दिल्ली. एक तरफ जहां अमेरिका आर्थिक रूप से भारत को अलग-थलग करना चाहता है, वहीं यूरोपीय देशों का कहना है कि भारत के बिना दुनिया के सबसे बड़े आर्थिक गलियारे की परिकल्पना पूरी नहीं हो सकती है. इस गलियारे के लिए जरूरी सभी चीजें भारत के पास है. यह दावा इटली के एक राजनयिक ने किया है. उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय आईएमईसी परियोजना में भारत की भूमिका निश्चित रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह एक विशाल बाजार और उत्पादक देश है.उन्होंने कहा कि भारत-पश्चिम एशिया-यूरोप आर्थिक गलियारा (आईएमईसी) पहल वस्तुओं के व्यापार, ऊर्जा और डेटा संपर्क से संबंधित है और नई दिल्ली ‘इन तीनों क्षेत्रों में अग्रणी’ है. आईएमईसी पहल सऊदी अरब, भारत, अमेरिका और यूरोप के बीच एक विशाल सड़क, रेलमार्ग और पोत परिवहन नेटवर्क की परिकल्पना करता है, जिसका मकसद एशिया, पश्चिम एशिया और यूरोप के बीच एकीकरण सुनिश्चित करना है.क्यों जरूरी है कि यह गलियाराइटली के विशेष दूत फ्रांसेस्को टालो ने कहा कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना की शुरुआत काफी उम्मीदों के साथ हुई थी और वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों से उत्पन्न अस्थिरता के दौर में ऐसी पहल की विशेष रूप से जरूरत है. इस पहल को सितंबर 2023 में दिल्ली में जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान अंतिम रूप दिया गया था. इतालवी राजनयिक का कहना है कि भारत निश्चित रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह एक विशाल बाजार है. यह एक बड़ा उत्पादक है. आप जानते हैं कि आईएमईसी संपर्क का एक नेटवर्क है. मैं एक गलियारे की तुलना में एक नेटवर्क के बारे में ज्यादा बात करना पसंद करता हूं, क्योंकि यह एक जगह से दूसरी जगह को जोड़ने के मुकाबले ज्यादा जटिल है.
