2 घंटे तक हवा में चक्कर लगाता रहा एयर इंडिया का विमान, बैठे थे कांग्रेस सांसद वेणुगोपाल, टला बड़ा हादसा

नई दिल्लीः कांग्रेस सांसद वेणुगोपाल ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि एयर इंडिया की फ्लाइट क्रैश होते-होते बची है. तिरुवनंतपुरम से दिल्ली जाने वाली फ्लाइट को खराब मौसम की वजह से चेन्नई डायवर्ट कर दिया गया था. लेकिन लैंडिंग की अनुमति नहीं मिलने के कारण फ्लाइट दो घंटों तक हवा में झूलती रही. उन्होंने दावा किया कि चेन्नई में जब लैंडिंग की परमिशन मिली तो रनवे पर पहले से एक और फ्लाइट मौजूद थी. इसकी वजह से एयर इंडिया के पायलट को लैंडिंग इमरजेंसी में कैंसिल करनी पड़ी और वापस टेक ऑफ करना पड़ा. वेणुगोपाल ने इस पूरी घटना के बारे में ट्वीट करते हुए कहा, ‘पायलट की सूझबूझ से ही हमारी जान बची है.’ वहीं, उनके बयान पर एयर इंडिया ने जवाब देते हुए कहा, ‘खराब मौसम कि वजह से तिरुवनंतपुरम से दिल्ली जा रही फ्लाइट को चेन्नई डायवर्ट करना पड़ा. फ्लाइट को सुरक्षित रूप से उतार लिया गया है. सभी यात्री सुरक्षित हैं.’ सांसद वेणुगोपाल ने एक्स पर लिखा, ‘त्रिवेंद्रम से दिल्ली जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट संख्या AI 2455, जिसमें मैं, कई सांसद और सैकड़ों यात्री सवार थे. आज भयावह रूप से ट्रेजडी के करीब पहुंच गई. जो देरी से शुरू हुआ था, वह एक कष्टदायक यात्रा में बदल गया. उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद, हमें खतरनाक स्थिति का सामना करना पड़ा. लगभग एक घंटे बाद, कैप्टन ने उड़ान सिग्नल में खराबी की घोषणा की और विमान को चेन्नई की ओर मोड़ दिया. लगभग दो घंटे तक, हम उतरने की अनुमति का इंतजार करते हुए हवाई अड्डे के चक्कर लगाते रहे, जब तक कि हमारे पहले प्रयास के दौरान एक भी ऐसा क्षण नहीं आया जो दिल दहला देने वाला ना हो. बताया जा रहा था कि उसी रनवे पर एक और विमान था. कैप्टन के तुरंत रुकने के फैसले ने फ्लाइट में सवार सभी लोगों की जान बचा ली. दूसरे प्रयास में विमान सुरक्षित उतर गया. हम कौशल और भाग्य से बच गए. यात्रियों की सुरक्षा भाग्य पर निर्भर नहीं हो सकती. मैं @DGCAIndia और @MoCA_GoI से आग्रह करता हूं कि वे इस घटना की तत्काल जांच करें, जवाबदेही तय करें और सुनिश्चित करें कि ऐसी चूक फिर कभी न हो.’एयर इंडिया ने वेणुगोपाल को दिया जवाबएयर इंडिया ने जवाब देते हुए कहा, ‘प्रिय श्री वेणुगोपाल, हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि चेन्नई की ओर मोड़ना संदिग्ध तकनीकी समस्या और खराब मौसम की स्थिति के कारण एक एहतियाती कदम था. चेन्नई हवाई अड्डे पर पहली बार उतरने के प्रयास के दौरान चेन्नई एटीसी द्वारा गो-अराउंड का निर्देश दिया गया था, न कि रनवे पर किसी अन्य विमान की मौजूदगी के कारण. हमारे पायलट ऐसे हालात से निपटने के लिए अच्छी तरह प्रशिक्षित हैं और इस मामले में उन्होंने पूरी उड़ान के दौरान मानक प्रक्रियाओं का पालन किया. हम समझते हैं कि ऐसा अनुभव असहज हो सकता है और इस मोड़ के कारण हुई असुविधा के लिए हमें खेद है. हालांकि, हमारे लिए सुरक्षा हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता है. आपके समझ के लिए धन्यवाद.’

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