Bollywood Must Watch Superhit Movies : वैसे तो हर फिल्म की अपनी डेस्टिनी होती है. फिर भी अगर राइटर-डायरेक्टर किसी फिल्म को लेकर बहुत ज्यादा मेहनत करते हैं तो सफलता भी मिलती है. राइटर जितनी अच्छी कसी हुई स्क्रिप्ट-स्क्रीनप्ले लिखेगा, फिल्म के सफल होने की उम्मीद उतनी ही बढ़ जाती है. बॉलीवुड में 50-60 के दशक में ख्वाजा अहमद अब्बास और वीपी साठे की जोड़ी बतौर स्टोरी राइटर फेमस थी. 70-80 के दशक में सलीम-जावेद की लिखी स्क्रिप्ट फिल्म की सफलता की गारंटी थी. 2000 के दशक में ऐसे ही एक राइटर ने बॉलीवुड में कदम रखा. इस नौजवान स्क्रीनराइटर ने सिर्फ पांच साल में ऐसी 4 फिल्में लिखीं, जो बॉक्स ऑफिस पर छा गईं. दो फिल्में जहां सुपरहिट रहीं, वहीं दो फिल्में फ्लॉप होकर भी दर्शकों के दिल में बस गईं. इन फिल्मों को टीवी-यूट्यूब पर खूब देखा गया. चारों फिल्मों ने 81 से ज्यादा अवॉर्ड जीते. आइये जानते हैं इन सभी फिल्मों से जुड़े रोचक किस्से…….
बॉलीवुड में लीक से हटकर जब भी अच्छी फिल्में आईं दर्शकों ने हमेशा ही उन पर प्यार बरसाया है. 70-80 के दशक में राइटर सलीम-जावेद की जोड़ी ऐसी ही फिल्में लिखने के लिए जानी जाती थी. दिल्ली का एक नौजवान दिल में कई अरमान लेकर मायानगरी मुंबई पहुंचा. 2000 में फरदीन खान की ‘जंगल’ फिल्म से पहला ब्रेक मिला. फिल्म नहीं चली लेकिन अपनी दूसरी ही फिल्म से बॉलीवुड इंडस्ट्री में तहलका मचा दिया. इस युवा स्क्रीनराइटर का नाम है : जयदीप साहनी. जयदीप ने सिर्फ पांच साल के अंतराल में ऐसी चार फिल्में लिखीं जिनकी बहुत चर्चा हुई. दो फिल्में सुपरहिट रहीं. दो कल्ट मूवी साबित हुईं. ये फिल्में थीं : कंपनी (2000), बंटी और बबली (2005), खोसला का घोसला (2006) और चदे दे! इंडिया (2007). इन चारों फिल्मों ने अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर 80 से ज्यादा अवॉर्ड जीते. दो नेशनल अवॉर्ड भी जीते. आइये जानते हैं इन फिल्मों से जुड़े दिलचस्प फैक्ट्स……..
