गरीबों को सस्ता घर देने वाली सरकारी योजना प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) में धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग को लेकर ईडी रियल एस्टेट कंपनी ओशन सेवन बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड (OSBPL) और उसके प्रमुख स्वराज सिंह यादव के खिलाफ जल्द ही चार्जशीट दाखिल कर सकता है. यादव पर फर्जी तरीके से 222 करोड़ रुपये का गबन का आरोप है.
नई दिल्ली. पिछले कुछ दिनों में रियल एस्टेट की दुनिया में स्वराज सिंह यादव का नाम सुर्खियों में है. कहा जा रहा है कि इस शख्स ने सरकारी योजना प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) की आड़ में होमबायर्स को ऐसे सपने दिखाए, जैसे बस चाबी मिलने ही वाली हो. लेकिन हकीकत में लोगों की मेहनत की कमाई 222 करोड़ रुपये के कथित फ्रॉड में फंस गई. घर का सपना तो टूटा ही, कई खरीदार अब न्याय के लिए दफ्तर–थानों के चक्कर लगा रहे हैं. शुरुआती जांच में न सिर्फ PMAY के नियमों का उल्लंघन, बल्कि फर्जीवाड़े और मनी लॉन्ड्रिंग की बात सामने आई है. अब बड़ा सवाल यही है स्वराज सिंह कौन है और कैसे इतना बड़ा खेल खेल गया?
गुरुग्राम की रियल एस्टेट कंपनी ओशन सेवन बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड (OSBPL) और इसके मैनेजिंग डायरेक्टर स्वराज सिंह यादव पर प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) का गलत इस्तेमाल कर 222 करोड़ रुपये की ठगी का बड़ा आरोप सामने आया है. जी-न्यूज की खबर के मुताबिक, प्रवर्तन निदेशालय (ED) इस मामले में जल्द चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी कर रहा है.कैसे शुरू हुआ घोटाला?ईडी ने 13 नवंबर को स्वराज सिंह यादव को मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार किया था. जांच में आरोप लगा कि कंपनी ने PMAY के जरिए किफायती घर देने का वादा किया, लेकिन असल में पूरा खेल कुछ और था. खरीदारों को आवंटित फ्लैट पहले रद्द कर दिए गए, फिर उन्हीं यूनिट्स को कहीं ज्यादा दाम पर दोबारा बेच दिया गया. आरोप है कि PMAY के तहत एक फ्लैट की कीमत करीब 26.5 लाख रुपये थी, लेकिन इन्हें कथित रूप से 40–50 लाख रुपये में कैश लेकर बेचा गया. सबसे चौंकाने वाली बात है कि जिन खरीदारों से पैसे लिए गए, उन्हें रिफंड तक नहीं दिया गया.
