सरोज खान ने बॉलीवुड को डांस की नई पहचान दी, श्रीदेवी और माधुरी दीक्षित के गानों को आइकॉनिक बनाया. 3 जुलाई 2020 को कार्डियक अरेस्ट से उनका निधन हुआ, लेकिन उनका योगदान अमर है.
नई दिल्ली: बॉलीवुड में डांस की बात हो और सरोज खान का नाम न आए, ऐसा मुमकिन ही नहीं. सरोज खान ऐसी कलाकार थीं, जिन्होंने हिंदी सिनेमा को डांस की असली परिभाषा सिखाई. उनकी कोरियोग्राफी ने न जाने कितनी अभिनेत्रियों को पहचान दिलाई और कितने ही गानों को आइकॉनिक बना दिया. उनके बचपन का नाम निर्मला नागपाल था.
सरोज खान के माता-पिता भारत-पाकिस्तान के बंटवारे के बाद भारत आ गए थे. घर की हालत अच्छी नहीं थी, इसलिए निर्मला को बचपन से ही काम करना पड़ा. सिर्फ तीन साल की उम्र में उन्होंने फिल्म ‘नजराना’ में बेबी श्यामा के रूप में काम किया. धीरे-धीरे उन्हें डांस का शौक होने लगा, लेकिन यह शौक इतने अनोखे अंदाज में सामने आया कि घरवालों को भी समझ नहीं आया कि यह क्या हो रहा है.
जब सरोज के डांस से घरवाले हुए परेशाननिर्मला नागपाल (सरोज खान) जब बहुत छोटी थीं, तब वह अपनी ही परछाई को देखकर घंटों नाचती रहती थीं. उन्हें लगता था कि परछाई उनका साथ दे रही है और उसी के साथ वह कदम मिलाती रहती थीं. वह जब कमरे में अकेली होतीं तो वह घंटों तक अपने डांस में खोई रहती थीं. उनकी मां को यह देख चिंता होने लगी. उन्हें लगा कि बच्ची किसी मानसिक परेशानी है. इसी डर में घर वाले उन्हें डॉक्टर के पास ले गए, लेकिन डॉक्टर जो बोले, वह सुनकर पूरा परिवार दंग रह गया. डॉक्टर ने कहा कि बच्ची बिल्कुल ठीक है. बस, यह डांस करना चाहती है. इसे रोकना नहीं, बल्कि आगे बढ़ने देना चाहिए.
