नई दिल्ली. कभी हैदराबाद की तंग गलियों में टेनिस बॉल से खेला जाने वाला क्रिकेट और आज वही लड़का इंटरनेशनल स्टेडियमों में भारत के लिए कई मैच विनिंग पारियां खेल चुका है नाम है तिलक वर्मा जिसने पाकिस्तान के खिलाप दुबई में 31 रनों की जानदार पारी खेली. एक ऐसा युवा जिसने ना तो हालातों को अपने सपनों के आड़े आने दिया, और ना ही कभी हार मानी. आर्थिक तंगी, सीमित संसाधन, और समाज की अपेक्षाओं के बीच तिलक वर्मा ने सिर्फ एक चीज़ को पकड़ कर रखा अपना जुनून.तिलक ने IPL में मुंबई इंडियंस के लिए धमाल मचाया, और अब भारतीय टीम में अपनी जगह बनाकर यह दिखा दिया है कि उम्र सिर्फ एक नंबर है काबिलियत और मेहनत ही असली पहचान है फिर वो चाहे दबाव में खेली गई एशिया कप में 31 रन की पारी हो, या लगातार तीन पारियों में शतकीय धमाका तिलक वर्मा आज हर युवा क्रिकेटर के लिए एक प्रेरणा बन चुके हैं. आज वह सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं हैं, बल्कि उस सपने का नाम हैं जो लाखों बच्चे अपनी आंखों में लेकर बल्ला थामते हैं.
