नई दिल्ली. भारतीय ग्राहकों के लिए हाई-स्पीड सैटेलाइट इंटरनेट का इंतजार अब खत्म होने की ओर है. एलन मस्क (Elon Musk) की कंपनी स्टारलिंक को दूरसंचार विभाग (DoT) से प्रोविजनल स्पेक्ट्रम क्लियरेंस मिल गई है, जिससे वह भारत में ट्रायल सर्विस शुरू कर सकेगी. कंपनी का लक्ष्य है कि दिसंबर 2025 तक कमर्शियल लॉन्च कर दिया जाए.स्टारलिंक ने हाल ही में ग्लोबल मोबाइल पर्सनल कम्युनिकेशन बाय सैटेलाइट (GMPCS) लाइसेंस हासिल किया है. यह लाइसेंस मिलने के बाद कंपनी भारत में ऑफिशियल रूप से सर्विस देने की कतार में शामिल हो गई है. खास बात यह है कि सरकार ने साफ किया है कि सभी सैटेलाइट कम्युनिकेशन को भारतीय गेटवे से होकर गुजरना होगा और देश का डेटा किसी भी हाल में बाहर नहीं जाना चाहिए. इन शर्तों को मानते हुए स्टारलिंक अब फेज-वाइज रोलआउट की तैयारी कर रही है.
