नई दिल्ली. देश के जीएसटी ढांचे में आमूल-चूल परिवर्तन हो गया है. जीएसटी स्लैब्स की संख्या को घटाया गया है और ज्यादातर जरूरी सामान पर 5% और बाकी चीजों पर 18% जीएसटी लगाया गया है. इस बदलाव में 12% और 28% वाले स्लैब हटा दिए गए हैं. अब सीमेंट पर 28% की जगह सिर्फ 18% टैक्स लगेगा. इससे त्योहारों से पहले रियल एस्टेट सेक्टर में तेजी आने की उम्मीद है. निर्माण के काम में सीमेंट एक बहुत ज़रूरी कच्चा माल है, और इसकी कीमत का असर प्रोजेक्ट की कुल लागत पर पड़ता है.सीमेंट पर जीएसटी घटाने से बिल्डरों की लागत कम हो जाएगी. जो प्रोजेक्ट पहले कच्चे माल की ज़्यादा कीमत की वजह से रुके हुए थे या मुश्किल लग रहे थे, अब वे आगे बढ़ सकेंगे, जिससे बाजार में काम में तेज़ी आएगी. घर खरीदने वालों के लिए यह फैसला एक बड़ी राहत है. निर्माण लागत कम होने से घरों की कीमतें या तो तुरंत कम हो जाएंगी या फिर लॉन्च से पहले आकर्षक ऑफर मिल सकेंगे. जब प्रोजेक्ट्स पर काम तेज़ी से होगा, तो हर तरह के घरों की सप्लाई बढ़ेगी.
