पप्पु कुमार की रिपोर्ट
आपको लेकर चलते हैं झारखंड के हजारीबाग जहां आज भी कच्चे मकान में संचालित हो रहा है पोस्ट ऑफिस
आजादी के 78 साल बाद भी कच्चे मकान में संचालित हो रहा डाकघर, डिजिटल सुविधाओं का इंतजार
हजारीबाग जिले के सुदूरवर्ती क्षेत्र आंगो थाना क्षेत्र के परतंगा में स्थित एक डाकघर आज भी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में कच्चे मिट्टी के मकान से संचालित हो रहा है। बताया जाता है कि यह डाकघर आजादी से पहले से कार्यरत है, लेकिन भारत को स्वतंत्र हुए 78 वर्ष बीत जाने के बावजूद यहां आधुनिक और डिजिटल सुविधाएं पूरी तरह नहीं पहुंच पाई हैं।
करीब 10 बाय 10 से भी छोटे कमरे में संचालित इस डाकघर पर आसपास के ग्रामीण आज भी अपनी आरडी (रिकरिंग डिपॉजिट) सहित अन्य बचत योजनाओं का पैसा जमा करने के लिए निर्भर हैं। डाक विभाग के कर्मचारी लगातार गांव-गांव जाकर लोगों को केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं, विशेषकर सुकन्या समृद्धि योजना और अन्य बचत योजनाओं की जानकारी दे रहे हैं, जिससे ग्रामीणों में जागरूकता बढ़ रही है।
हालांकि, डाकघर की जर्जर स्थिति कर्मचारियों और उपभोक्ताओं दोनों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। कर्मचारियों के अनुसार बरसात के दिनों में छत से पानी टपकने के कारण कई बार महत्वपूर्ण रजिस्टर और दस्तावेज खराब हो चुके हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और डाक विभाग से डाकघर के लिए पक्के भवन तथा आधुनिक डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि ग्रामीणों को बेहतर सेवाएं मिल सकें।
