नंदा देवी पर क्या था सीआईए का सीक्रेट मिशन, जिसमें खो गया परमाणु डिवाइस, किस खतरे से वहां जाना बैन

Nanda Devi CIA secret Mission: 13 दिसंबर 2025 को न्यू यॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट ने तहलका मचा दिया है. ये आशंका जाहिर की जा रही है 1965 में सीआईए ने जो सीक्रेट परमाणु डिवाइस यहां गिरा दी थी. उससे ये इलाका रेडियो एक्टिव हो गया है, ग्लेशियर के पिघलने के साथ गंगा नदी पर प्रतिकूल असर से भी इसे जोड़ा जा रहा है. आखिर क्या है सच. क्या भारत सरकार को इस बारे में मालूम था.

हिमालय की नंदा देवी चोटी को लेकर एक सनसनीखेज रिपोर्ट न्यूयॉर्क टाइम्स के 13 दिसंबर 2025 के अंक में प्रकाशित हुई है. इसने भारत के सियासी जगत में तो तहलका मचा ही दिया है. साथ ही कई सवाल भी खड़े कर दिये हैं. सवाल अगर नंदा देवी और आसपास के इलाके में रेडियो एक्टिव खतरे पर है तो ये भी क्या तत्कालीन भारत सरकार को इसके बारे में मालूम था. गौरतलब है कि इस चोटी पर जाना प्रतिबंधित है.

13 दिसंबर 2025 को न्यूयॉर्क टाइम्स की नई जांच ने 1965 के इस कोल्ड वॉर मिशन को फिर उजागर किया, जिसमें CIA-भारत की संयुक्त टीम ने चाइना के न्यूक्लियर टेस्ट ट्रैक करने के लिए प्लूटोनियम से चलने वाला डिवाइस लगाने की कोशिश की थी. लेकिन वहां बर्फीला तूफान चलने से ये वहां गिर गया था. फिर ये कहां गया, इसका आज तक पता नहीं चल सका, हालांकि इसको समय समय पर खोजने की काफी कोशिश हुई. लिहाजा इससे पर्यावरणीय चिंताएं बनी हुई हैं.यह मिशन चीन के लोप नोर में होने वाले परमाणु परीक्षणों और मिसाइल प्रक्षेपणों की निगरानी करने के लिए था. उस समय चीन-भारत संबंध तनावपूर्ण थे. 1962 का युद्ध हुआ था. भारत भी चीन की परमाणु गतिविधियों पर नज़र रखना चाहता था.

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