कॉफी को लेकर एक वायरल पोस्ट इन दिनों चर्चा में है. इस पोस्ट में दावा किया गया है कि कॉफी में कॉकरोच के टुकड़े मिले होते हैं. इस पोस्ट के बाद ये बहस तेजी से छिड़ गई है कि क्या सच में ऐसा होता है? अगर हां तो ये कितना खतरनाक है? खासकर भारत में जहां कॉफी का बाजार तेजी से बढ़ रहा है. शायद कॉफी पीने वालों को इस बात से झटका लगे, मगर ये सच है कि कॉफी में कॉकरोच के टुकड़े हो सकते हैं. खासतौर से अमेरिका या अन्य देशों में तैयार कॉफी में कॉकरोच के टुकड़ों की अधिकतम सीमा 10 प्रतिशत तक तय की गई है, हालांकि भारत के नजरिए से ये अलग है, भारत में ऐसी कोई मात्रा तय नहीं की गई है और यहां बनी कॉफी को ज्यादा से ज्यादा साफ और सुरक्षित रखने पर जोर दिया जाता है, मगर क्या सच में ऐसा होता है? ये बड़ा सवाल है.अमेरिका के मॉन्टाना यूनिवर्सिटी के जीवविज्ञानी प्रोफेसर डगलस एमलेन ने 1980 में सबसे पहले कॉफी और कॉकरोच का कनेक्शन खोजा था. NPR को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि था उनके दोस्त को कॉकरोच से बहुत एलर्जी थी. ये इतनी ज्यादा थी कि वह कॉकरोच को छू भी नहीं सकते थे. उन्हें ग्राउंड कॉफी बहुत पसंद थी, जब वे उसे पीते थे तो उन्हें इसी तरह की एलर्जी हो जाती थी.
