देशभर में इस मानसून में जगह जगह ऐसी बारिश देखने को मिली, जो इतनी तेज और मूसलाधार थी कि कुछ देर की बारिश में ही ऐसा लगा जैसे प्रलय सरीखी तबाही आ गई हो. मकान और संपत्तियां नष्ट हो गईं. लोगों की मौत हुई. अब ऐसी तबाही भरी बारिश दार्जिलिंग में हुई है. हालांकि मौसमविज्ञानियों का कहना है कि कि इस विनाशकाली बारिश के पीछे लो प्रेसर सिस्टम में अचानक आया दबाव जिम्मेदार था. दरअसल इस मानसूनी बादलों को जाना कहीं था और पहुंच ये कहीं गए ..और वहां तबाही मचा दी.मौसम विभाग का कहना है कि 30 सितंबर को बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना यह सिस्टम ओडिशा में दबाव के रूप में पहुंचा था. फिर ये उत्तर पश्चिम में छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ रहा था. तभी लो प्रेसर सिस्टम में ऐसा बदलाव हुआ कि ये अचानक उत्तर बिहार की ओर मुड़ गया. फिर खतरनाक रूप से उत्तर बंगाल के करीब आ गया.एक मौसम विज्ञानी का कहना है, ” इस तरह के सिस्टम एक बड़े एरिया को कवर करते हैं. उत्तरी बंगाल इसके दायरे में आता है, जिससे भारी बारिश होती है, इसी वजह से कोलकाता में भारी बारिश हुई. शुक्रवार और शनिवार को दार्जिलिंग, अलीपुरद्वार, का-लिम्पोंग और जलपाईगुड़ी के कुछ हिस्सों में लगभग 24 घंटों में 200 मिमी से अधिक भारी बारिश हुई. जिससे तबाही हुई.
