भारत में फिल्मी सितारों को उनके फैंस हर तरह से फॉलो करते हैं. चाहे उनके जैसा हेयरस्टाइल हो या फिर उनका फैशन, सितारों जैसा फील करना है तो उनके जैसा दिखना होगा… बस इसी सोच और फैशन की बढ़ती डिमांड ने जन्म दिया है फास्ट फैशन को. फास्ट फैशन यानी कम कमीत में फैशन की चाह पूरी, लेकिन ये ट्रेंडी जींस या टॉप अगले 30 दिनों में ही आउट ऑफ फैशन हो जाए तो इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं. फास्ट फैशन यूं तो कंपनियों और ग्राहक, दोनों के लिए फायदे का सौदा नजर आता है. कंपनियों को खूब ग्राहक मिलते हैं और ग्राहकों को सस्तें दामों में लेटेस्ट फैशन मिलता है. लेकिन इस पूरे सिस्टम में जिसकी बली चढ़ रही है, वो है पर्यावरण. जिसे आज हम फायदे का सौदाफास्ट फैशन मॉडल को इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसमें कपड़ों का तेजी से डिजाइन, उत्पादन, वितरण और मार्केटिंग शामिल होता है. यह शब्द 1990 के दशक की शुरुआत में पहली बार इस्तेमाल हुआ था, जब ZARA न्यूयॉर्क में आया. “
