CHINA PAKISTAN: CPEC में काम कर रहे चीनी नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चीन लगातार पाकिस्तान को धमकाता रहता है. पाकिस्तान भी दावा करता रहता है कि चीनी नागरिकों और इंजीनियरों की सुरक्षा में वह कोई कमी नहीं छोड़ रहा. लेकिन जमीन पर हालात कुछ और ही हैं. अब उनकी सुरक्षा के लिए पाकिस्तान ने शी जिनपिंग के सामने हाथ फैलाया था. माना जा रहा है कि SCO की बैठक के लिए पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल असीम मुनीर इसी काम को अंजाम देने के लिए गए थे. खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान ने काउंटर टेररिज्म कॉपरेशन के लिए चीन से मदद मांगी थी. इसके एवज में चाइना इंटरनेशनल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन पाकिस्तान को 1 बिलियन यूआन का नया लोन देने को तैयार हो गया है. इस लोन से CPEC पर काम कर रहे चीनी नागरिकों की सुरक्षा के लिए नए हथियार खरीदे जाएंगे और वो भी चीन से ही. SCO समिट के दौरान हुई शरीफ और शी जिनपिंग की मुलाकात में चीन के राष्ट्रपति ने CPEC पर काम करने वाले चीनी नागरिकों की सुरक्षा को लेकर ही उनसे हिसाब मांग लिया था.पाकिस्तान में चीनी नागरिकों की संख्या 30 हजार से भी ज्यादा है और सभी पर आतंकी खतरा हमेशा बना रहता है. ज्यादातर चीनी नागरिक वहां पर जारी शी जिनपिंग की महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट CPEC में काम कर रहे हैं. 2015 से शुरू हुए इस प्रोजेक्ट पर काम करने वाले चीनी नागरिकों पर हमले बढ़ गए हैं. बलूच विद्रोही तो ऐसे हाथ धो कर उनके पीछे पड़ गए कि चीनी सरकार के माथे पर पसीना आ गया. पाकिस्तान ने चीनी नागरिकों की सुरक्षा का जिम्मा उठाया लेकिन पाकिस्तान चीनी नागरिकों की सुरक्षा को सुनिश्चित नहीं कर सका. हालात तो यह हो गए कि चीन ने खुद उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी अपने हाथों में ले ली है. चीनी दबाव के बाद चीन और पाकिस्तान के बीच ज्वाइंट सिक्योरिटी कंपनीज फ्रेमवर्क (एंटी टेररिज्म कोऑपरेशन) पर दस्तखत किए थे
