अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दावा किया कि अमेरिका और भारत के बीच रूस से तेल खरीद को लेकर बातचीत जारी है. रुबियो ने मंगलवार को एक टीवी प्रोग्राम में कहा, हमने उनके साथ कल फिर से बैठकें कीं, और इसमें मेन मुद्दा उनके रूस से तेल के आयात थे. रुबियो के बयान से यह स्पष्ट होता है कि दोनों देश एनर्जी सिक्योरिटी और ट्रेड पर चर्चा कर रहे हैं. अमेरिकी विदेश मंत्री ये भी संकेत दिया कि आने वाले समय में और बैठकें और मुलाकातें होने की संभावना है. लेकिन मार्को रुबियो और अमेरिकी विदेश विभाग की ओर से जारी बयानों में कुछ अंतर है.मार्को रुबियो ने एक दिन पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ मुलाकात की थी. उसके बाद विदेश विभाग की ओर से जो बयान जारी किया गया था, उसमें इसका कोई जिक्र नहीं था. विदेश विभाग की ओर से जारी बयान में कहा गया था कि दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने सहमति जताई है कि भारत और अमेरिका, मुक्त और खुले इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए साथ मिलकर काम करेंगे. इसमें क्वाड के जरिए सहयोग भी शामिल है.जयशंकर ने क्या कहा थाबयान के मुताबिक अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा, अमेरिका के लिए भारत के रिश्ते बहुत अहम हैं. मार्को रुबियो ने ट्रेड, डिफेंस, एनर्जी, मेडिसिन, महत्त्वपूर्ण खनिज और द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े अन्य विषयों में भारत सरकार के निरंतर सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया. जयशंकर ने कहा था कि हमारे बीच वर्तमान की चिंताओं से जुड़ेकई द्विपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा हुई. साथ ही प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में प्रगति के लिए निरंतर सहयोग पर सहमति बनी.
