अरुंधति (2009): यह फिल्म एक उत्तराधिकारी के बारे में है जो अपने परिवार के काले अतीत का पता लगाती है. जब सदियों पहले का एक शक्तिशाली जादूगर बदला लेने के लिए वापस आता है, तो परिवार के कई काले राज उजागर होतेतुंबाड (2018): 19वीं सदी के भारत में सेट, यह फिल्म एक आदमी की पौराणिक खजाने की खोज के इर्द-गिर्द बुनी गई है. एक आदमी को एक आत्मा एक भूतिया किले तक ले जाती है जहां वह एक भयानक देवता का सामना करता है. तुंबाड मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक लगभग 5 करोड़ के बजट में बनी थी, और जब फिल्म रिलीज हुई तो सिर्फ 15 करोड़ ही कमा पाई थी. लेकिन साल 2024 में री-रिलीज के दौरान फिल्म ने 40.6 करोड़ के आसपास कमा लिए थे. इसकी रेटिंग 8.2 हैअखंडा (2021): नंदमुरी बालकृष्ण एक उग्र अघोरा के रूप में, भ्रष्ट खनन माफिया के खिलाफ लड़ते हैं. इस फिल्म को अकेले देखने का जोखिम न उठाएं, रोंगटे खड़े हो जाते हैं.
