सोशल मीडिया और भ्रष्टाचार को लेकर हो रहे हिंसक प्रदर्शन और दंगों के दौरान जो तांडव मचा, उसे दुनिया ने देखा. हर तरफ आगजनी और लूटपाट के बाद स्थिति ये हो चुकी है कि देश की सभी महत्वपूर्ण संस्थाओं की इमारतें फुंक गई हैं. ऐसे में जब कर्फ्यू हटा और रविवार को दफ्तर खुले, तो कामकाज करने की जगह तक नहीं मिली. यही वजह है कि नेपाल में सुप्रीम कोर्ट अस्थायी तंबू में चल रही है.नेपाल में रविवार से सारे दफ्तर खोल दिए गए और ये पहला दिन था जब कोर्ट फिर से कामकाज करने लगा. इसके लिए इमारत नहीं थी, तो टेंट लगाए गए, जिन पर साफ लिखा था – Supreme Court Nepal. खबरहब नाम की वेबसाइट ने इसकी कुछ तस्वीरें पोस्ट कीं, तो देखने वाले दंग रह गए क्योंकि यहां कोर्ट के स्टाफ सामान्य तरीके से काम कर रहे थे. वे आम जनता से मिल रहे थे और सुनवाई की तारीखें दे रहे थे.तंबू में चलने लगा कामकाजइस रिपोर्ट में बताया गया है कि सामान्य तरीके की तरह ही सुप्रीम कोर्ट ने मामलों की जानकारी ली और तारीखें दीं. इसके बाद पंजीकरण और कैदियों के पेश होने की याचिकाओं की सुनवाई हुई. चूंकि सुविधाएं नहीं हैं, ऐसे में कोर्ट में लंबित मामलों की तारीखें आगे बढ़ाई जा रही हैं. दिक्कत ये है कि अदालत के बहुत से दस्तावेज भी आगजनी की घटनाओं में जल चुके हैं या खो गए हैं. खबरहब के मुताबिक नेपाल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बिजय प्रसाद मिश्रा ने कहा कि इन हालात में अदालत पूरी तरह काम तो नहीं शुरू कर सकती लेकिन इसे धीरे-धीरे पटरी पर लाया जा रहा है.
