नई दिल्ली (Haryana School Education). बच्चों के भविष्य की नींव स्कूलों में रखी जाती है. इसलिए स्कूल के आस-पास का माहौल सुरक्षित, अनुशासित और सकारात्मक होना चाहिए. स्कूल के पास शराब, तंबाकू या नशीले पदार्थ बेचने वाली दुकानों से बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास पर गंभीर असर पड़ सकता है. किशोर उम्र के बच्चों में नशे की लत का खतरा सबसे ज्यादा होता है. हरियाणा शिक्षा निदेशालय ने राज्य के किसी भी स्कूल के 100 गज के दायरे में नशीले पदार्थों की बिक्री प्रतिबंधित कर दी है.इससे बच्चों को नशे की लत से बचाने और सुरक्षित शैक्षिक माहौल बनाने की दिशा में काम किया जा सकेगा. इस आदेश से यह भी स्पष्ट संदेश जाता है कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि वातावरण भी उतना ही महत्व रखता है. बच्चों को अनुशासन, नैतिकता और स्वस्थ जीवनशैली सिखाने के लिए स्कूलों के आस-पास का माहौल स्वच्छ और सुरक्षित होना चाहिए. ज्यादातर राज्यों में स्कूल के 100-200 गज वाले दायरे में किसी भी तरह के नशीले पदार्थों की बिक्री पर रोक लगी हुई है.
