जब से रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध शुरू हुआ है, हमेशा ही भारत ने इस युद्ध में किसी का खुलकर पक्ष नहीं लिया है. रूस के साथ भारत के अच्छे रिश्ते होने के बाद भी भारत ने जंग का समर्थन नहीं किया और हमेशा ही शांति की बात की है. प्रधानमंत्री की मुलाकात रूसी राष्ट्रपति से हुई हो या फिर खुद जेलेंस्की से, हमेशा ही उन्होंने दोनों देशों के बीच युद्ध खत्म होने और शांति स्थापित होने की बात कही. खुद जेलेंस्की भी ऐसा ही मानते थे कि भारत की भूमिका इसमें सकारात्मक हो सकती है.रूस-यूक्रेन युद्ध में भारत ने तटस्थ भूमिका ही निभाई है, लेकिन यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने भारत के खिलाफ टैरिफ को लेकर जो बयान दिया है, वो उनकी मंशा दिखाने वाला है. उन्हें एक्स पर लोगों ने आईना दिखाते हुए पूछा – भारत से रूसी डीजल कौन खरीदता है? उनका अमेरिकी टीवी चैनल के साथ इंटरव्यू वायरल हुआ, तो लोगों ने सवाल उठाया कि उन्हें वही रूसी तेल भारत के खरीदने में कोई दिक्कत नहीं है?भारत से डीजल खरीदता है यूक्रेनजिस मुद्दे पर जेलेंस्की को सोशल मीडिया पर यूजर्स घेर रहे हैं, वो कोई निराधार नहीं है. दरअसल यूक्रेन और भारत के बीच व्यापारिक रिश्ते काफी अच्छे हैं. खासतौर पर अगर डीजल खरीद की बात करें, तो यूक्रेन ने साल 2022 में रूस से युद्ध शुरू होने के बाद भारत को तेल आयात के लिए चुना. यूक्रेन ने साल 2022 से जुलाई, 2025 के बीच भारत से डीजल खरीद बढ़ाई ही है. दरअसल इससे पहले यूक्रेन रूस और बेलारूस से तेल आयात करता था. युद्ध के बाद से यूक्रेन ने अपनी डीजल की जरूरत
