नई दिल्ली. 5 परसेंट वाला जीएसटी स्लैब किसी काम का नहीं है. ऐसा कहना है प्लानिंग कमीशन के पूर्व उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया का. उन्होंने केवल एक जीएसटी स्लैब की सिफारिश की है. उनका मानना है कि केवल 14 परसेंट का जीएसटी स्लैब होना चाहिए. इसमें 6 परसेंट सेंटर के लिए 6 परसेंट राज्य के लिए और 2 परसेंट लोकल बॉडीज के लिए. उन्होंने ये बातें इंडिया टुडे के साथ बातचीत में कहीं. उनका मानना है कि जीएसटी बहुत बेहतर हो सकता है लेकिन अभी इसकी पूरी ताकत सामने नहीं आ पाई हैं.उनका कहना है कि अभी भारत में बहुत सारे टैक्स रेट्स हैं. बकौल अहलूवालिया, अभी 1-2 टैक्स स्लैब नहीं है बल्कि 7 स्लैब के अनुसार टैक्स लगाया जा रहा है. उन्होंने कहा है, “रेवेन्यू की बात करें तो वह भी बहुत अच्छा नहीं है. जीडीपी के अनुपात में देखें तो पिछले सर्वोच्च स्तर से हम लोग कम ही रेवेन्यू बटोर रहे हैं. अगर सेस को भी जोड़ लिया जाए तब भी रेवेन्यू के मामले में हम वहां तक की पहुंच पाते हैं जहां हम जीएसटी के लॉन्च होने से पहले थे.”
