ISRO Achievements In 2025: साल 2025 भारतीय अंतरिक्ष इतिहास में स्वर्णिम वर्ष रहा. इसरो ने एलवीएम3 रॉकेट से सबसे भारी विदेशी सैटेलाइट ‘ब्लू बर्ड’ लॉन्च कर कमर्शियल मार्केट में धाक जमाई. भारत ‘स्पेस डॉकिंग’ तकनीक हासिल करने वाला चौथा देश बना और ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला आईएसएस पहुंचने वाले यात्री बने. गगनयान की 90% तैयारी और ‘निसार’ की लॉन्चिंग के साथ भारत ने ग्लोबल स्पेस पावर के रूप में अपनी पहचान मजबूत की है.
नई दिल्ली: साल 2025 भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) और पूरे भारत के लिए उपलब्धियों का एक ऐसा साल साबित हुआ है, जिसे इतिहास के पन्नों में सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा. यह वह साल था जब भारत ने न केवल सपने देखे, बल्कि उन्हें हकीकत में बदल दिया. श्रीहरिकोटा के लॉन्च पैड से लेकर इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) तक, हर जगह तिरंगा लहराया. कल ही इसरो के एलवीएम3-एम6 रॉकेट ने अमेरिकी कंपनी एएसटी स्पेसमोबाइल के सबसे भारी उपग्रह ‘ब्लू बर्ड’ को लॉन्च कर साल का शानदार समापन किया. इस एक लॉन्च ने पूरी दुनिया को बता दिया कि भारी उपग्रहों के बाजार में अब भारत का राज है. आइए नजर डालते हैं 2025 की उन ऐतिहासिक घटनाओं पर जिन्होंने भारत को अंतरिक्ष का सुपरपावर बना दिया.
