क्या जवाहरलाल नेहरू प्रधानमंत्री बनने के चुनाव में सरदार पटेल से हार गए थे, क्या कहते हैं तथ्य

Nehru Vote Chori: जवाहरलाल नेहरू किसी चुनाव में सरदार पटेल से नहीं हारे थे, वह गांधी जी के समर्थन से कांग्रेस अध्यक्ष बने थे और इसी कारण भारत के पहले प्रधानमंत्री बने. चुनाव में हार या जीत का कोई दस्तावेजी प्रमाण नहीं है.

Nehru Vote Chori: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने वोट चोरी के मुद्दे पर बुधवार को लोकसभा में कांग्रेस पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि देश में चुनाव में अनियमितता या वोट चोरी कोई नई बात नहीं है. अमित शाह ने कहा कि वास्तव में इसकी शुरुआत जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी के युग में शुरू हुई थी. यह सोनिया गांधी के भारतीय नागरिक बनने से पहले वोटर के रूप में रजिस्टर्ड होने के वर्तमान विवाद तक फैली हुई है. उन्होंने कहा कि इन दावों से दशकों से चली आ रही हेराफेरी का पर्दाफाश हुआ है, जो भाजपा के सत्ता में आने से बहुत पहले से चली आ रही थी.

ऐसा कोई विश्वसनीय ऐतिहासिक तथ्य नहीं मिलता कि जवाहरलाल नेहरू प्रधानमंत्री बनने के लिए हुए किसी चुनाव में सरदार वल्लभभाई पटेल से हार गए थे. अमित शाह का यह दावा अक्सर सोशल मीडिया या कुछ राजनीतिक भाषणों में आता है, लेकिन किसी भी दस्तावेज में इसका जिक्र नहीं मिलता है. कांग्रेस के रिकॉर्ड और तमाम इतिहासकार भी इस दावे को सही नहीं मानते.नेहरू कैसे बने भारत के पहले प्रधानमंत्रीभारत के पहले आम चुनाव 25 अक्टूबर 1951 से 21 फरवरी 1952 के बीच हुए थे. इन चुनावों के बाद भारत की पहली संवैधानिक रूप से चुनी गई सरकार सत्ता में आयी और जवाहरलाल नेहरू तब देश के प्रधानमंत्री बने. लेकिन यह चुनाव तो आजादी के लगभग साढ़े चार साल बाद हुआ था. भारत तो अगस्त 1947 में ही आजाद हो गया था. तो फिर 15 अगस्त 1947 से लेकर पहले आम चुनाव तक देश का शासन किसके हाथों में था? और जवाहरलाल नेहरू पहले प्रधानमंत्री कैसे बन गए, जबकि उस समय तक कोई चुनाव नहीं हुआ था? इसका जवाब यह है कि 15 अगस्त 1947 को भारत को आजादी मिलने पर, नेहरू को अंतरिम सरकार का प्रधानमंत्री बनाया गया था.

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