Anmol Bishnoi: गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई को अमेरिका से डिपोर्ट करके भारत लाया गया है, जहां उसकी पेशी दिल्ली के पटियाला कोर्ट में हुई. लेकिन राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अनमोल की सिर्फ पीछे की तस्वीर जारी की, सामने की तस्वीर नहीं. जांच एजेंसियों द्वारा इस तरह से आरोपी का चेहरा छिपाने के पीछे क्या कहानी है?
नई दिल्ली. भारतीय जांच एजेंसी एनआईए (NIA) ने अंडरवर्ल्ड डॉन लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई को भारत लेकर आई है. दिल्ली की पटियाला कोर्ट में अनमोल बिश्नोई की पेशी भी हो गई है. लेकिन पेशी से ठीक पहले एनआईए ने अनमोल बिश्नोई की जो तस्वीर जारी की है, वह चर्चा में है. एनआईए ने अनमोल का चेहरे वाली फोटो जारी न कर पीछे यानी बैक साइड वाला फोटो जारी की है. एनआईए ने ऐसा ही फोटो जारी की है, जो इसी साल तहव्वुर राणा के भारत आने पर जारी की थी. ऐसे में सवाल उठता है कि अनमोल बिश्नोई का सामने वाला चेहरा एनआईए ने क्यों नहीं जारी नहीं किया? क्या इसके पीछे कानूनी पेंच है या फिर जिस देश से डिपोर्ट कर के लाया गया है, वहां का नियम? या फिर जानबूझकर अनमोल की तस्वीर को भारतीय जांच एजेंसी सार्वजनिक नहीं करना चाहती?
अंडरवर्ल्ड डॉन लॉरेंस बिश्नोई के भाई और गैंग के अहम सदस्य अनमोल बिश्नोई को अमेरिका से भारत लाने की कार्रवाई राष्ट्रीय जांच एजेंसी के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है. बुधवार को जब उसे दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया, तो सभी की नज़रें उसकी नई तस्वीर पर थीं. लेकिन एनआईए ने जो तस्वीर जारी की है, वह सिर्फ पीछे की तरफ से ली गई है, जिसमें उसका चेहरा नहीं दिखाई देता. जांच एजेंसी का यह कदम अचानक नहीं है, बल्कि यह एक गहरे कानूनी और जांच संबंधी पेंच से जुड़ा है, जिसे ‘पहचान परेड’ (Identification Parade) की अखंडता बनाए रखने के लिए उठाया जाता है.अनमोल का चेहरा क्यों नहीं दिखा?क्राइम के जानकार कहते हैं इसके पीछे कई कारण हैं, लेकिन सुरक्षा कारण अहम है. क्योंकि तहव्वुर राणा को भी भारत लाने के बाद उसकी सुरक्षा को ध्यान में रखा गया था. पहचान परेड होने तक उसके चेहरे को सार्वजनिक नहीं करने का फैसला लिया गया. उसकी पहचान परेड बाकी थी और इसके बाद ही उसकी सामने से आधिकारिक तस्वीर जारी की जाती. ऐसे में पहली जो तस्वीरें सामने आईं, वे उसकी कस्टडी में होने की थीं और उनमें उसका चेहरा नहीं दिख रहा था, बल्कि वह अधिकारियों के साथ था और उसके चेहरे को गुप्त रखा गया था.
