भारत में क्यों राज्यपालों के सरकारी आवास यानि राजभवन के नाम को बदलकर लोकभवन किये जा रहे हैं. क्यों हुआ ये बदलाव. आजादी के बाद गर्वनर्स हाउस को किसने राजभवन नाम दिया था.
ब्रिटिश राज के दौरान राज्यों में तैनात गर्वनर्स के आवास को गर्वनर हाउस कहा जाता था. आजादी के बाद इन्हें राजभवन कहा जाने लगा. किसने इन्हें राजभवन का नाम दिया था. फिर अब इन राजभवनों के नाम क्यों लोकभवन किए जा रहे हैं. इस बदलाव में क्या क्या बदलेगा. साथ ही ये भी जानें कि किसके आदेश पर ये बदलाव हो रहा है. राज्य सरकारों की इसमें क्या भूमिका है. हालांकि कहा ये जाता है कि आजादी के बाद पहले गवर्नर जनरल सी राजगोपालाचारी ने इनका नाम राजभवन रखा, लेकिन इसका कोई रिकॉर्ड नहीं मिलता.
सवाल – राज्यपालों के सरकारी आवास का नाम राजभवन से बदलकर लोकभवन क्यों किया जा रहा है?– भारत में राज्यपाल के राजभवन का नाम बदलकर लोकभवन किया जा रहा है. इस बदलाव का मुख्य कारण राजभवन को जनता के करीब लाना है. केंद्र सरकार का कहना है कि राजभवन से कोलोनियल प्रतिध्वनि जाहिर होती है. सरकार चाहती है कि ये भवन आम जनता के लिए खुला और मानवीय बने. इसकी शुरुआत पश्चिम बंगाल से हुई है, जहां कोलकाता और दार्जिलिंग के राजभवन का नाम लोकभवन में बदल दिया गया. इसे सरकार के गृह मंत्रालय के निर्देश और देश के राज्यपाल सम्मेलन की सिफारिशों के आधार पर पूरे देश में लागू किया गया है. दूसरे राज्यों में भी राजभवन का नाम अब लोकभवन हो जाएगा. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 25 नवंबर 2025 को इस आशक का निर्देश जारी किया था.
