67 साल के एक रिटायर्ड शख्स को लगा कि उसकी पूरी 1.2 करोड़ रुपये की बचत FD में रखकर उसने भविष्य सुरक्षित कर लिया है. लेकिन CA नितिन कौशिक ने बताया कि यह सुरक्षा असली नहीं, क्योंकि महंगाई धीरे-धीरे पैसे की ताकत कम कर देती है.
नई दिल्ली. 67 साल के एक रिटायर्ड सज्जन को लगा कि उसने अपनी बुढ़ापे की सारी चिंता दूर कर दी है. उनकी पूरी 1.2 करोड़ रुपये की पूरी बचत फिक्स्ड डिपॉजिट (FDs) में थी और उन्हें यकीन था कि इससे जिंदगी भर आराम से गुजारा हो जाएगा. लेकिन जब सीए नितिन कौशिक ने उनकी प्लानिंग सुनी, तो उन्हें समझ आया कि यह सुकून असली नहीं, बस एक खामोश खतरे का भ्रम है. पैसा बैंक में सुरक्षित था, लेकिन उसकी ताकत हर दिन चुपचाप कम हो रही थी. ठीक वैसे जैसे बिना आवाज हवा टायर से निकलती जाती है.
कौशिक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि जो पैसा बढ़ता नहीं, उसकी ताकत कम होती जाती है. अगर महंगाई औसतन 5 फीसदी भी रहे, तो 20 साल में पैसे की वैल्यू आधी हो जाती है यानी आज का 1 करोड़ रुपये 20 साल बाद बाद सिर्फ 50 लाख रुपये जैसा असर दिखाएगा. कौशिक ने बताया कि कई लोग रिटायरमेंट के बाद ‘रिस्क से बचने’ के चक्कर में पूरा पैसा FD में रख देते हैं.
