Sterling Biotech Scam : स्टर्लिंग बायोटैक घोटाला मुख्य रूप से बैंक लोन की धोखाधड़ी, मनी लॉन्ड्रिंग और शेल कंपनियों के माध्यम से फंड्स डायवर्ट करने का है. खास बात यह है कि इस फ्रॉड कांग्रेस के दिग्गज नेता स्वर्गीय अहमद पटेल तक का नाम सामने आया था.
नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने बैंक धोखाधड़ी के आरोपी स्टर्लिंग ग्रुप के प्रमोटर नितिन और चेतन संदेसरा को बड़ी राहत दी है. कोर्ट ने कहा है कि यदि वे 5100 करोड़ रुपए जमा कर देते हैं तो उनके खिलाफ चल रही सभी लंबित आपराधिक और जांच कार्यवाहियां पूर्णतः समाप्त मानी जाएंगी. आरोप है कि फार्मा कंपनी स्टरलिंग बायोटेक लिमिटेड के प्रमोटर नितिन संदेसरा, चेतन संदेसरा और दीप्ति संदेसरा ने भारतीय बैंकों से 14,500 करोड़ रुपए का फ्रॉड किया है. यह घोटाला नीरव मोदी के पीएनबी फ्रॉड से भी बड़ा है. पीएनबी घोटाले में 11,400 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की गई थी. स्टर्लिंग बायोटैक घोटाले के आरोपी 2017 में ही देश छोड़कर भाग गए थे. उनकी फ्लैगशिप कंपनी स्टर्लिंग बायोटेक दुनिया की सबसे बड़ी फार्मास्यूटिकल ग्रेड जिलेटिन बनाने वाली कंपनियों में से एक थी.
यह मामला मुख्य रूप से बैंक लोन की धोखाधड़ी, मनी लॉन्ड्रिंग और शेल कंपनियों के माध्यम से फंड्स डायवर्ट करने का है. खास बात यह है कि इस फ्रॉड कांग्रेस के दिग्गज नेता स्वर्गीय अहमद पटेल तक का नाम सामने आया था. इसी वजह से ईडी ने पटेल से पूछताछ भी की थी. हालांकि पटेल ने किसी भी तरह के गलत संबंधों से इनकार किया था. एक आरोपी ने बताया था कि अहमद पटेल के बेटे फैसल पटेल और दामाद इरफान सिद्दीकी का संदेसरा परिवार से संपर्क था. चेतन संदेसरा के दिल्ली स्थित फार्म हाउस में फैसल पटेल पार्टियां करते थे, जिनका खर्च संदेसरा वहन करते थे.
