ECI और CEO West Bengal ने स्पष्ट किया कि SIR या वोटर लिस्ट सुधार में OTP नहीं मांगा जाता. OTP मांगने वाले फ़र्ज़ी हैं. शिकायत के लिए WhatsApp, फोन या ईमेल का उपयोग करें. हाल ही में पश्चिम बंगाल में कई मामले सामने आए थे जहां पर कुछ लोग फर्जी BLO बनकर मतदाताओं के पास जा रहे हैं और उनसे कह रहे हैं कि उन्हें मोबाइल पर आया ओटीपी शेयर करें.
कोलकाता/नई दिल्ली: मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) कार्यालय और भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने साफ किया है कि स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) या मतदाता सूची सुधार प्रक्रिया में जनता से कभी भी OTP नहीं मांगा जाता है. आयोग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि यदि किसी मोबाइल नंबर पर OTP भेजा जाए या कोई व्यक्ति OTP बताने को कहे, तो यह पूरी तरह फ़र्ज़ी और धोखाधड़ी है.
हाल में कोलकाता व अन्य जिलों में शिकायतें आई थीं कि कुछ लोग खुद को चुनाव आयोग का प्रतिनिधि बताकर OTP की मांग कर रहे हैं. कई नागरिक भ्रम में OTP साझा कर देते हैं. आशंका है कि कोई गिरोह इस तरीके से धोखाधड़ी कर रहा है.
