नेपाल की सरकार को उखाड़ फेंकने वाले युवाओं के विद्रोह के बाद जिन दो युवा नेताओं के नाम अब वहां सबसे ज्यादा लिये जा रहे हैं, वो काठमांडु के मेयर बालेंद्र शाह बालेन और सुदन गुरुंग के हैं. इसमें बालेंद्र शाह के कुछ बयानों और कामों को भारत विरोधी माना गया, हालांकि उन्होंने अपनी इंजीनियरिंग की उच्च शिक्षा कर्नाटक के विश्वेरैया इंजीनिरिंग कॉलेज में दो साल रहकर हासिल की.बालेंद्र शाह ने भारत के कर्नाटक राज्य में पढ़ाई की है. उन्होंने विश्वेश्वरैया प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, बेलगावी, कर्नाटक से स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री हासिल की. हालांकि वो कभी अपनी कर्नाटक में पढाई के बारे में सार्वजनिक तौर कोई बात नहीं करते.बालेंद्र शाह 35 साल के हैं. उनका जन्म 27 अप्रैल 1990 को काठमांडू, नेपाल में हुआ. उनके पिता एक आर्युवेदिक चिकित्सक थे. ये कहना चाहिए बालेन की शख्सियत प्रभावशाली है. वह सख्त प्रशासक और साफसुथरे तरीके से काम करने वाले मेयर हैं. उनके भाषण असरदार होते हैं. नेपाल का युवा वर्ग उनका दीवाना है. उन्होंने कम से कम दो ऐसे काम किए, जिससे ये धारणा बनी कि वह भारत विरोधी हैं.
