नई दिल्ली. आर्मी में भर्ती के दौरान ट्रेनिंग के वक्त चोट खाकर दिव्यांग होने वाले कैड्ट को केंद्र सरकार ने बड़ी राहत दी है. अब उन्हें बीमा से लेकर पेंशन और मुआवजे तक देने की तैयारी चल रही है. दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना और न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा की बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही थी. कोर्ट ने इसे स्वतः संज्ञान में लिया था और पिछले महीने भारत सरकार से पूछा था कि आखिर इन कैडेट्स को बीमा कवरेज और जरूरी सुविधाएं क्यों नहीं मिल रहीं. सरकार की ओर से पेश हुईं अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने अदालत को बताया कि अब इन कैडेट्स को बड़ी राहत दी गई है.29 अगस्त से योजना में शामिलबताया गया कि पहले इन्हें ईसीएचएस (Ex-Servicemen Contributory Health Scheme) का हिस्सा नहीं माना जाता था, लेकिन 29 अगस्त से इन्हें इस योजना में शामिल कर लिया गया है. खास बात यह है कि इनके लिए वन टाइम सब्सक्रिप्शन फीस भी माफ कर दी गई है. इस कदम से अब वे कैडेट्स, जिन्हें ट्रेनिंग के दौरान लगी चोट या बढ़ी हुई दिव्यांगता की वजह से सेवा से बाहर होना पड़ा, सभी चिकित्सा सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे. इतना ही नहीं, मुआवजे और अन्य आर्थिक लाभों की व्यवस्था भी की गई है
