Romano Floriani Mussolini: इटली के तानाशाह बेनिटो मुसोलिनी का नाम इतिहास के सबसे क्रूर शासकों में शुमार है. उसी का परपोता आज फुटबॉल के मैदान पर धूम मचा रहा है. जी हां, नाम है रोमानो फ्लोरियानी मुसोलिनी. यह युवा खिलाड़ी सिर्फ अपने खेल के लिए नहीं, बल्कि अपने विवादित सरनेम के लिए भी सुर्खियों में है. क्या यह सरनेम उसके लिए एक बोझ है या एक प्रेरणा? जब वह गोल करता है तो क्या फैंस उसके टैलेंट को सराहते हैं या उसके पूर्वज के नाम का जश्न मनाते हैं? यह एक ऐसा सवाल है जो रोमानो की हर किक के साथ गूंजता है. फुटबॉल के जुनून और इतिहास के साये के बीच रोमानो की कहानी एक अजीब और रोमांचक मोड़ पर खड़ी है.रोमानो फ्लोरियानी मुसोलिनी ने दो दिन पहले देश की शीर्ष लीग सेरी ए में अपने पहले मैच में क्रेमोनीज़ को सासुओलो को 3-2 से हराने में मदद की. 22 वर्षीय फ्लोरियानी मुसोलिनी ने जब मैच में आठ मिनट शेष रह गए थे पेनल्टी अर्जित की. जिस पर मैनुअल डी लुका ने क्रेमोनीज़ के लिए विजयी गोल किया. क्रेमोनीज़ दो मैचों में दो जीत के साथ सेरी ए तालिका में शीर्ष पर पहुंच गयी. मुसोलिनी का परपोता होने के नाते वह इस मैच में आकर्षण का केंद्र थे.
