पुतिन ने अकेले ही पूरे यूरोप को पानी पिला दिया. डिफेंस में चीन और रूस दोनों को पीछे छोड़ देना यह दिखाता है कि यूरोप अब सिर्फ बातें नहीं करेगा, बल्कि कार्रवाई के लिए तैयार है. और अगर यही ट्रेंड जारी रहा, तो भारत के डिफेंस एक्सपोर्ट के लिए मौके बन सकते हैं.
