चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बीजिंग में मिलिट्री डे की परेड से पहले हजारों सैनिकों को संबोधित करते हुए सीधा मैसेज वॉशिंगटन को दिया. इस मौके पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन भी चीन पहुंचे हुए हैं. इनकी मौजूदगी में शी जिनपिंग ने अमेरिका को ललकारते हुए कहा है कि चीन किसी भी देश से डरने वाला नहीं है और किसी की भी दबंगई बर्दाश्त नहीं करेगा. चीनी राष्ट्रपति ने यही बात शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन में भी कही थी.शी जिनपिंग का बयान ऐसे समय आया है जब चीन और अमेरिका के बीच व्यापार, तकनीक और कई मुद्दों पर तनाव की स्थिति बनी हुई है. शी जिनपिंग अमेरिकी दादागिरी वाले पश्चिमी देशों के संगठन के मुकाबले एक वैकल्पिक व्यवस्था तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं. इसी वजह से अब चीन उन देशों से भी अपने संबंध सुधार रहा है, जो डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों की वजह से परेशान हैं.‘चीन किसी के आगे झुकेगा नहीं’शी जिनपिंग ने मिलिट्री डे परेड से पहले कहा – ‘चीनी राष्ट्र ऐसा महान राष्ट्र है,जो कभी किसी की दबंगई से नहीं डरता.’ उन्होंने यह भी कहा कि जब-जब चीन को अच्छे और बुरे, रोशनी-अंधकार, तरक्की और पीछे खींचने वाली ताकतों के बीच संघर्ष का सामना करना पड़ा, तब चीन ने एकजुट होकर सामना किया. उन्होंने किसी देश का नाम नहीं लिया लेकिन उनका इशारा डोनाल्ड ट्रंप की ओर ही था क्योंकि चीन हमेशा अमेरिका पर बुलींग और पश्चिमी वर्चस्व का आरोप लगाता रहा है. रूस-चीन और नॉर्थ कोरिया ने मिलकर अमेरिका-विरोधी गठजोड़ का शक्ति प्रदर्शन किया, जो पश्चिमी देशों की चिंता बढ़ाने वाली है.
