वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को अपने करीबी सहयोगी और व्हाइट हाउस के डायरेक्टर ऑफ प्रेसिडेंशियल पर्सनल सर्जियो गोर (Sergio Gor) को भारत का नया राजदूत नामित किया है. अगर सीनेट से मंजूरी मिल गई, तो गोर को स्पेशल एनवॉय फॉर साउथ एंड सेंट्रल एशियन अफेयर्स का अतिरिक्त कार्यभार भी मिलेगा. इसमें पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे देश शामिल हैं, जहां इस समय अमेरिका के राजदूतों की तैनाती नहीं हो पाई है. 39 साल के सर्जियो गोर अगर भारत में कार्यभार संभालते हैं तो वह अब तक के सबसे युवा अमेरिकी राजदूत होंगे. वह डेमोक्रेटिक राष्ट्रपति जो बाइडेन के कार्यकाल में नियुक्त एरिक गार्सेटी की जगह लेंगे. बाइडेन के सत्ता से हटने के बाद वह अपने गृहराज्य कैलिफोर्निया लौट चुके हैं. हालांकि सर्जियो गोर की जहां ट्रंप तारीफ करते नहीं थक रहे हैं तो वहीं अमेरिका में उन्हें लेकर कई विवाद भी रहे हैं. आईए जानें सर्जियो गोर के बारे में.सर्जियो गोर कौन हैं?सर्जियो गोर का जन्म उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद में हुआ था. हालांकि जब वह पैदा हुए तब ताशकंद सोवियत संघ का हिस्सा था. उनका असली नाम सर्गेई गोरखोव्स्की था. 1999 में वह महज 12 साल की उम्र में अपने माता-पिता के साथ अमेरिका आ गए. बचपन में उनका परिवार माल्टा चला गया, जहां उन्होंने अपने बचपन के पांच वर्ष बिताए.1999 में जब वह 12-13 वर्ष के थे, तब Urduरिपोर्ट के मुताबिक उनके पिता यूरी गोरखोव्स्की सोवियत मिलिट्री एयरक्राफ्ट डिजाइन इंजीनियर थे, जिन्होंने IL-76 जैसे विमान पर काम किया, जो आज भी भारतीय वायुसेना में मौजूद है. उनकी मां इजराइली मूल की बताई जाती हैं. गोर का परिवार लॉस एंजेलिस शिफ्ट हुआ, जहां उन्होंने स्कूली पढ़ाई की. इसके बाद उन्होंने जॉर्ज वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी से उच्च शिक्षा हासिल की, जो व्हाइट हाउस से कुछ ही ब्लॉक्स की दूरी पर स्थित है.
