दिल्ली: दिल्ली की रहने वाली एक 13 साल की मासूम लड़की, वह अपने पिता से झगड़े के बाद घर से भाग गई. वह दिल्ली से भागकर मेरठ जाने वाली ट्रेन में चढ़ गई. मेरठ स्टेशन पर भटकती हुई वह अकेली और डरी हुई थी. तभी उसकी मुलाकात एक 20 साल के युवक से हुई, जिसने उसकी मदद करने का वादा किया. मासूम लड़की को उस पर भरोसा हो गया.युवक हापुड़ का रहने वाला था, उसने अपने 55 साल के साथी को लड़की के बारे में बताया. दोनों ने मिलकर उसे उत्तर प्रदेश के शामली ले गए. वहां उन्होंने उसका एक नकली आधार कार्ड बनवाया, जिसमें उसकी उम्र 19 साल दिखाई गई. फिर उन्होंने 24 जुलाई को उसकी जबरदस्ती एक 40 साल के आदमी से शादी करवा दी गई, जिसके बदले में उन लोगों ने 15,000 से 20,000 रुपये लिए.एक मिस्ड कॉल से खुला राजइसी दौरान, लड़की के परिवार को एक मिस्ड कॉल आया. यह कॉल उनकी उम्मीद की किरण बन गई. जब उन्होंने उस नंबर पर वापस कॉल किया, तो एक महिला ने जवाब दिया और कहा कि शायद उसकी बहू ने गलती से कॉल किया होगा. यह सुनकर परिवार को शक हुआ. उन्होंने पुलिस को वह नंबर दिया, लेकिन गलती से एक अंक गलत बता दिया. पुलिस उस नंबर के आधार पर मथुरा पहुंची, लेकिन वहां कोई सुराग नहीं मिला. बाद में जब सही नंबर मिला तो पुलिस को पता चला कि कॉल शामली से आई थी.पुलिस ने तुरंत एक टीम बनाकर शामली में छापा मारा. वहां जाकर उन्होंने उस मासूम लड़की को ढूंढ लिया. पुलिस ने उस 40 साल के आदमी को जिसने लड़की से शादी की थी और जिन्होंने उसे बेचा था गिरफ्तार कर लिया. उन पर मानव तस्करी, नाबालिग का शोषण और नकली दस्तावेज बनाने जैसे कई गंभीर आरोप लगाए गए. साथ ही बच्चों के यौन शोषण और बाल विवाह से जुड़े कानूनों (POCSO) के तहत भी कार्रवाई की गई.वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भीष्म सिंह ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इन लोगों ने और भी गरीब लड़कियों को इसी तरह फंसाया था.
