चंडीगढ़. आम आदमी पार्टी (AAP) की पंजाब इकाई इस समय दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के विवादित बयान को लेकर सफाई देती नजर आ रही है. पार्टी की ओर से साफ कहा गया है कि सिसोदिया के व्यक्तिगत विचारों को संगठन की आधिकारिक लाइन न समझा जाए. दरअसल, मनीष सिसोदिया ने हाल ही में पंजाब में एक कार्यक्रम के दौरान 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर ऐसा बयान दिया, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी. सिसोदिया ने कहा था कि पंजाब में पार्टी की जीत सुनिश्चित करने के लिए कुछ “खास रणनीति” और “प्रबंध” किए जाएंगेहम अपने काम पर वोट मांगेंगे’इस बयान को विपक्ष ने तुरंत लपक लिया और आम आदमी पार्टी पर चुनावी ईमानदारी को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए. कांग्रेस और अकाली दल के नेताओं ने तंज कसते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी ‘ईमानदारी और पारदर्शिता’ की बात करती है, लेकिन चुनाव जीतने के लिए पर्दे के पीछे सौदेबाजी का रास्ता खोज रही है. बढ़ते विवाद को देखते हुए पंजाब आम आदमी पार्टी अध्यक्ष और राज्य के कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा सामने आए. उन्होंने आज बयान जारी कर कहा कि मनीष सिसोदिया की टिप्पणी को पार्टी की विचारधारा से जोड़कर न देखा जाए. अरोड़ा ने साफ किया कि “जो कुछ सिसोदिया ने कहा, वह उनके व्यक्तिगत विचार हैं. पार्टी की विचारधारा अलग है और हम सिर्फ और सिर्फ अपने कामकाज के आधार पर जनता से वोट मांगेंगे.”एक व्यक्ति पार्टी नहीं होता’अमन अरोड़ा ने यह भी कहा कि किसी एक व्यक्ति के बयान से पूरी पार्टी की छवि तय नहीं होती. कोई एक व्यक्ति पार्टी नहीं होता. पार्टी अपने सामूहिक काम और जनता के भरोसे से चलती है. उन्होंने दोहराया कि पंजाब सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और रोजगार जैसे मुद्दों पर काम कर रही है और इन्हीं आधारों पर 2027 का चुनाव लड़ा जाएगा. राजनीतिक जानकार मानते हैं कि यह विवाद आम आदमी पार्टी के लिए मुश्किल स्थिति पैदा कर सकता था, क्योंकि सिसोदिया अभी भी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं और भ्रष्टाचार मामले में जेल से बाहर आने के बाद फिर से सक्रिय हो रहे हैं. ऐसे में उनके हर बयान पर विपक्ष पैनी नजर रखे हुए है.
