नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश में रोड नेटवर्क को मजबूत बनाने के लिए योगी सरकार जोर-शोर से लगी हुई है. प्रदेश पहले ही देश में सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे वाला सूबा बन चुका है. अबर राज्य सरकार का ध्यान इन एक्सप्रेसवे को आपस में जोड़कर एक्सप्रेसवे ग्रिड बनाने का है. इसीलिए पिछले महीने ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे को पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से जोड़ने के लिए एक ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेस-वे के निर्माण को मंजूरी दी गई थी.4,775.84 करोड़ रुपये खर्च कर 49.96 किलोमीटर लंबा लिंक एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा. इसके बनने से लखनऊ, आगरा, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी और गाजीपुर जैसे प्रमुख शहरों के बीच यात्रा न केवल तेज और आसान होगी, बल्कि इससे औद्योगिक विकास, व्यापार और पर्यटन को भी मजबूती मिलेगी.आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे को पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से जोड़ने के लिए बनने वाला ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेस-वे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के भलिया ग्राम (चैनेज 294+230) से शुरू होकर पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के पहांसा ग्राम (चैनेज 6+350) तक बनेगा. करीब 50 किलोमीटर लंबा यह रोड छह लेन का होगा. इसे भविष्य में आठ लेन तक बढ़ाया जा सकेगा. इसलिए शुरुआत में सभी संरचनाएं आठ लेन के मानकों के अनुरूप ही तैयार होंगी.120 Kmph की गति से दौड़ेंगे वाहनइस लिंक एक्सप्रेस-वे पर कार-जीप आदि की स्पीड लिमिट 120 किलोमीटर प्रति घंटा होगी. इसमें एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) भी लगाया जाएगा, जिससे यातायात सुगम और सुरक्षित रहेगा. परियोजना के तहत 2 बड़े पुल, 20 छोटे पुल, 60 बॉक्स कल्वर्ट, 21 लो वॉल्यूम अंडरपास (LVUP), 16 स्मॉल व्हीकुलर अंडरपास (SVUP), 8 व्हीकुलर अंडरपास (VUP), 2 रेलवे ओवरब्रिज, 6 फ्लाईओवर और 5 इंटरचेंज का निर्माण होगा.
