शाहरुख खान के शराब बिजनेस में Zerodha के को-फाउंडर निखिल कामथ की एंट्री! खरीदी 5% हिस्सेदारी, मिलकर बेचेंगे टकीला

जेरोधा के सह-संस्थापक और बिलेनियर निवेशक निखिल कामथ ने अब बॉलीवुड स्टार शाहरुख खान के स्पिरिट बिजनेस में पैसा लगाया है. इससे पहले वह भारत की चौथी सबसे बड़ी लिकर कंपनी (शराब की कंपनी) रैडिको खैतान(Radico Khaitan) में हिस्सेदारी खरीद चुके हैं. इस नए कदम से निखिल ने शराब और स्पिरिट बिजनेस में अपनी जगह और पक्की कर ली है.निखिल कामथ ने शाहरुख खान और उनके बेटे आर्यन खान की कंपनी डी’यावोल स्पिरिट्स (D’yavol Spirits) में 5% हिस्सा लिया है. इसके अलावा, उनके पास रैडिको खैतान में 1.7% हिस्सेदारी है, जिसकी कीमत 660 करोड़ रुपये है. निखिल ने रैडिको को अपने लिए एक “छोटा सा पार्टनर” बताया और इसे एक “बढ़िया निवेश” कहा है.अभिषेक खैतान द्वारा चलाए जाने वाले डी’यावोल में रैडिको खैतान ने 40 करोड़ रुपये देकर 47.5% हिस्सा खरीदा है. इससे रैडिको इस कंपनी का सबसे बड़ा मालिक बन गया है. शाहरुख और आर्यन के अलावा, डी’यावोल के बाकी मालिक उनके दोस्त हरप्रीत सिंह और उनकी पत्नी लेटी ब्लागोएवा हैं. ये चारों मिलकर बाकी 47.5% हिस्सा रखते हैं.2022 में शुरू किया प्रीमियम शराब का बिजनेसशाहरुख, आर्यन, हरप्रीत और लेटी ने 2022 में मिलकर प्रीमियम शराब का बिजनेस शुरू किया था. उनकी कंपनी ने डी’यावोल सिंगल एस्टेट वोडका, इंसेप्शन ब्लेंडेड माल्ट स्कॉच व्हिस्की और वॉर्टेक्स स्कॉच व्हिस्की जैसे प्रोडक्ट्स बाजार में उतारे हैं. अब उनकी कंपनी भारत में डी’यावोल अनेजो टकीला लाने की तैयारी में है. रैडिको के मालिक अभिषेक खैतान ने बताया कि उनकी कंपनी टकीला बेचने का प्लान नहीं बना रही थी. लेकिन जब शाहरुख से बात हुई और उनके प्रोडक्ट देखे, तो उन्होंने इस साझेदारी का फैसला किया.अच्छी क्वालिटी की शराब बनाने पर फोकस यह साझेदारी शाहरुख खान और निखिल कामथ जैसे बड़े नामों को एक साथ ला रही है. डी’यावोल स्पिरिट्स अच्छी क्वालिटी की शराब बनाने पर ध्यान दे रही है, जो भारतीय बाजार में अपनी अलग जगह बना सकती है. निखिल का यह निवेश उनकी बिजनेस समझ को दिखाता है. वह अलग-अलग कारोबार में मौके ढूंढने में माहिर हैं.शाहरुख खान, जो पहले से ही फिल्मों में बड़ा नाम हैं, अब अपने बेटे आर्यन के साथ मिलकर नए बिजनेस की राह तलाश रहे हैं. उनका यह कदम उनके ब्रांड को और मजबूत करता है और नए बिजनेसमैन के लिए मिसाल है. रैडिको जैसी बड़ी कंपनी के साथ मिलकर डी’यावोल को बाजार में और ताकत मिलेगी. यह देखना मजेदार होगा कि यह ब्रांड भारत में कितनी तरक्की करता है.निखिल कामथ का यह कदम उनकी निवेश की शानदार सोच को दिखाता है. ज़ेरोधा को बड़ा नाम बनाने के बाद, वह अब अलग-अलग बिजनेस में पैसा लगा रहे हैं. शराब और स्पिरिट बिजनेस में उनका यह कदम काफी चर्चा में है. डी’यावोल और रैडिको का यह साथ भारत में प्रीमियम शराब की मांग को और बढ़ा सकता है.

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