ऑपरेशन सिंदूर के तीन महीने बाद तक इंडियन एयरफोर्स (IAF) सिर्फ पाकिस्तान को हुए नुकसान की झलक दिखा रही थी, लेकिन शनिवार को पहली बार ऐसा खुलासा हुआ जिसने सैन्य इतिहास में एक अनोखा पन्ना जोड़ दिया. बेंगलुरु में एक लेक्चर के दौरान एयरफोर्स चीफ एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह ने बताया कि 7 मई को ऑपरेशन में एक बड़े पाकिस्तानी एयरबोर्न प्लेटफॉर्म संभवतः इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस या एयरबोर्न अर्ली वॉर्निंग एंड कंट्रोल विमान को लगभग 300 किलोमीटर दूर से मार गिराया गया. उन्होंने इसे अब तक का सबसे लंबी दूरी से किया गया सतह से हवा में हमला बताया. आखिर ये हुआ कैसे, जिससे इंडियन एयरफोर्स ने दुनिया में दुर्लभ रिकॉर्ड बना दिया.इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, एयरफोर्स के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि यह लॉन्गेस्ट रिकॉर्डेड सरफेस-टू-एयर अटैक है. इतने लंबे फासले से लक्ष्य भेदने के लिए बेहद सटीक ट्रैकिंग, लंबे समय तक टारगेट लॉक और अल्ट्रा-लॉन्ग रेंज इंटरसेप्टर मिसाइल की जरूरत होती है, जो भारत ने हाल ही में रूस से मिले S-400 ट्रायम्फ सिस्टम के जरिए हासिल की. इसने पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों को इतनी दूरी पर रोके रखा कि वे लंबी दूरी के ग्लाइड बम तक इस्तेमाल नहीं कर पाए.
