गाजा सिटी पर कब्जे के प्लान को लेकर जहां एक तरफ कई देश नाराज हैं तो अब इजरायल में ही इसके खिलाफ प्रदर्शन होने लगे हैं. शनिवार को इजरायल के तेल अवीव में लाखों लोग सड़कों पर उतर आए और गाजा में चल रहे युद्ध को रोकने की मांग की. यह प्रदर्शन तब हुआ है जब एक दिन पहले ही इजरायली सरकार ने गाजा सिटी पर कब्जा करने की योजना को मंजूरी दी. प्रदर्शनकारियों ने बंधकों की तस्वीरें और बैनर लहराते हुए सरकार से उनकी रिहाई के लिए समझौता करने को कहा. इस बीच तुर्की ने मुस्लिम देशों को एकजुट होने की अपील की है. तुर्की के विदेश मंत्री हाकन फिदान ने इजरायल की गाजा सिटी पर कब्जे की योजना को ‘खतरनाक और गैरकानूनी’ बताते हुए यह बात कही. तुर्की ने इसे इजरायल की ‘नरसंहार और विस्तारवादी नीतियों’ का नया चरण बताया, जबकि इजरायल ने इन आरोपों को खारिज किया. हालांकि नेतन्याहू गाजा सिटी पर कब्जे के प्लान को लेकर दोतरफा घिरे हुए दिख रहे हैं.प्रदर्शन में शामिल एक महिला ने चेतावनी देते हुए कहा, ‘नेतन्याहू, अगर गाजा पर हमला हुआ और बंधक मारे गए, तो हम तुम्हारा पीछा हर गली, हर चुनाव में करेंगे.’ 2023 में हमास के हमले में 251 लोग बंधक बनाए गए थे, जिनमें से 49 अभी भी गाजा में हैं. इनमें 27 के मरने की खबर है. शुक्रवार को नेतन्याहू के सुरक्षा मंत्रिमंडल ने गाजा सिटी पर कब्जे के प्लान को हरी झंडी दिखाई है. नेतन्याहू ने सोशल मीडिया पर कहा,’हम गाजा पर कब्जा नहीं करेंगे, हम उसे आजाद करेंगे.’इजरायल-हमास युद्ध अपडेटOIC की मीटिंग बुलाने की मांग: शनिवार को मिस्र में बातचीत के बाद फिदान ने मिस्र के विदेश मंत्री बदर अब्देलट्टी और राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में इजरायल पर हमला बोला. तुर्की और मिस्र ने शुक्रवार को इस योजना की कड़ी निंदा की. तुर्की ने ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन (OIC) की आपात बैठक बुलाने की मांग की है. उन्होंने इजरायल पर फलस्तीनियों को भूख के जरिए उनकी जमीन से बेदखल करने और गाजा पर स्थायी कब्जे का आरोप लगाया. फिदान ने कहा, ‘इजरायल को समर्थन देने का कोई बहाना नहीं बचा.’
